October 19, 2026

मुंगेली में ‘पहल’ अभियान : 11 स्कूलों के 5000 बच्चों ने दी साइबर जागरूकता और सामाजिक बदलाव का संदेश

0
IMG-20250827-WA0876.jpg



मुंगेली। जिले में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में संचालित “पहल अभियान” लगातार समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता की दिशा में नया आयाम गढ़ रहा है। इसी कड़ी में दिनांक 25 अगस्त 2025 को मुंगेली जिले के 11 विद्यालयों के लगभग 5000 विद्यार्थी एवं उनके शिक्षक एक साथ जुटे और हाथों में मेहंदी से लिखे संदेश तथा मानव श्रृंखला बनाकर समाज को साइबर अपराध, नशामुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम की झलकियाँ : इस जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों ने रंग-बिरंगी ड्रॉइंग-पेंटिंग्स, #पहल हैशटैग से सजे हाथ, नशा मुक्ति संदेश, यातायात नियम पालन और महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित विषयों को अपनी रचनात्मकता से प्रस्तुत किया। यह दृश्य पूरे नगर में अद्वितीय और प्रेरणादायी था, जिसने यह साबित किया कि आने वाली पीढ़ी जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाने की दिशा में अग्रसर है।
शामिल विद्यालय : इस अभियान में स्वामी आत्मानंद स्कूल दाऊपारा मुंगेली, नवोदय विद्यालय दाबो, जेसीस स्कूल, रैंबो स्कूल, सेन जेवियर्स स्कूल, अल्फा पब्लिक स्कूल, कस्तूरबा स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, शासकीय कन्या विद्यालय, अम्बेडकर स्कूल और सोनकर स्कूल के बच्चे शामिल हुए। सभी विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

पुलिस अधीक्षक का संदेश : कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि “पहल अभियान का उद्देश्य सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करना है। सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है, जब नई पीढ़ी जागरूक, आत्मविश्वासी और शिक्षित बने। बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ करना ही सच्चे विकास की पहचान है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, नशे से दूरी, यातायात नियमों का पालन और महिला-बाल सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जागरूक करने का माध्यम बन रहा है।

बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ : इस अवसर पर प्रस्तुत “बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ” का नारा पूरे कार्यक्रम की आत्मा बन गया।

• सामाजिक बदलाव : सुरक्षा के साथ शुरुआत करने से समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन आते हैं।
• व्यक्तिगत विकास : यह हमें अपने लक्ष्यों को पाने के लिए सुरक्षित और स्थिर मार्ग प्रदान करता है।
• सामुदायिक विकास : सुरक्षा को प्राथमिकता देने से समुदाय के हर वर्ग को समान रूप से लाभ मिलता है।

महत्वपूर्ण योगदान : कार्यक्रम की सफलता में पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शत्रुहन खूंटे, बबीता श्रीवास, पुलिस बाल मित्र रोशना डेविड (उड़ान जीएस सोसायटी, महासमुंद) का उल्लेखनीय योगदान रहा। साथ ही सभी विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने बच्चों को तैयार करने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रेरणादायी पहल : कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने यह संदेश दिया कि “कल की चिंता नहीं, बल्कि कल की उत्सुकता होनी चाहिए। खुशहाल कल की पहल आज से करनी होगी।” बच्चों द्वारा प्रस्तुत यह संदेश एक नई सोच को जन्म देता है कि जैसे एक वृक्ष अपनी छाँव से दूसरों को राहत देता है, वैसे ही आज की युवा पीढ़ी समाज को सुरक्षित और सुखद भविष्य दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed