October 19, 2026

अहमदाबाद विमान हादसा: पीड़ित परिवारों की मांग—ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक हो

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प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, हादसे की सच्चाई जानने का अधिकार बताया; जांच एजेंसियों को भी भेजी प्रति

नई दिल्ली । अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। करीब 30 परिवारों ने संयुक्त रूप से लिखे इस पत्र में कहा है कि उन्हें यह जानने का अधिकार है कि आखिर यह भयावह हादसा किन कारणों से हुआ।

परिजनों ने पत्र की प्रति विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और भूपेंद्र पटेल को भी भेजी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर यह मानवीय भूल का परिणाम था। परिवारों का कहना है कि यदि सुरक्षा कारणों से डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे प्रभावित परिवारों के साथ साझा किया जाए, ताकि उन्हें मानसिक संतोष मिल सके।

हादसे में अपने परिजनों को खो चुके लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। किंजल पटेल, जिन्होंने इस हादसे में अपनी मां को खोया, ने बताया कि वेबसाइट पर 25 हजार से अधिक सामानों की सूची तो उपलब्ध है, लेकिन तस्वीरें स्पष्ट नहीं होने के कारण पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। वहीं रोमिन वोरा, जिन्होंने अपनी मां, भाई और बेटी को खोया, ने कहा कि संपर्क के लिए केवल एक ईमेल उपलब्ध है और जवाब मिलने में 15 दिन तक का समय लग जाता है। एक अन्य पीड़ित निलेश पुरोहित ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि सच्चाई जाननी है।

गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते ही एक छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भीषण हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि एक यात्री जीवित बचा था। इसके अलावा जमीन पर मौजूद 20 लोगों की भी इस हादसे में जान चली गई थी।

फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हैं, क्योंकि विमान और उसके इंजन अमेरिका में निर्मित थे।

इस घटना ने न केवल देश को झकझोर दिया था, बल्कि अब पीड़ित परिवारों की यह मांग जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही है

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