October 19, 2026

तखतपुर: सरकारी जमीन से अवैध मिट्टी उत्खनन का भंडाफोड़, तहसीलदार ने दिए जब्ती के कड़े निर्देश

0
IMG-20260308-WA01892.jpg

तखतपुर (बिलासपुर)। छत्तीसगढ़ के तखतपुर क्षेत्र में अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में ग्राम पंचायत अरईबंद में सरकारी भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकालने और विरोध करने पर सरपंच को धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में तहसीलदार न्यायालय तखतपुर ने थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?


प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अरईबंद के सरपंच प्रेम भास्कर (पिता भंडारी लाल) ने प्रशासन से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम अरईबंद (पटवारी हल्का नंबर 57) के पास स्थित भाठाखार पावर प्लांट के बगल में, खसरा नंबर 760 (रकबा 61 एकड़) की सरकारी जमीन पर अवैध खुदाई की जा रही थी। यह जमीन सामुदायिक भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित है।
सरपंच के अनुसार, आरोपी सिराज जिंदान (निवासी तखतपुर) और सतीश साहू (निवासी नगोई) द्वारा जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन कर मिट्टी को हाईवा ट्रक (क्रमांक CG07 BJ9960 और CG10 AR5307) में भरा जा रहा था। इस मिट्टी का उपयोग पास ही स्थित प्रज्ञा एग्रो इंडस्ट्री वाले अग्रवाल की भूमि में पटाई के लिए किया जा रहा था।


विधायक प्रतिनिधि बताकर दी धमकी
हैरानी की बात यह है कि जब सरपंच और ग्रामीणों ने इस अवैध कार्य को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने खुद को विधायक प्रतिनिधि बताते हुए धौंस जमाई। आरोपियों ने सरपंच को “जो करना है कर लो” कहकर सीधे तौर पर धमकी दी। हालांकि, ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और तत्काल ‘डायल 112’ एवं स्थानीय थाने को सूचना दी। पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी जेसीबी और हाईवा लेकर मौके से फरार हो गए।
तहसीलदार की सख्त कार्रवाई


इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार तखतपुर ने पुलिस को कड़े निर्देश दिए हैं। आधिकारिक ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना अनुमति के शासकीय भूमि पर उत्खनन करना दंडनीय अपराध है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि:
अवैध उत्खनन में शामिल वाहनों (जेसीबी और हाईवा) को तत्काल जब्त किया जाए।


मामले में उचित कानूनी कार्रवाई कर ‘पालन प्रतिवेदन’ (Action Taken Report) जल्द से जल्द न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
इस घटना के बाद से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed