बिना डिग्री का डॉक्टर! 7 साल तक NHM में खेल, अब खुला राज
रायपुर । नेशनल हेल्थ मिशन, छत्तीसगढ़ में चिकित्सा अधिकारी के पद पर बिना एमबीबीएस डिग्री के पिछले 7 साल से कार्यरत राहुल अग्रवाल आखिरकार पकड़ा गया। एक सामाजिक कार्यकर्ता की लगातार शिकायतों और संघर्ष के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवा समाप्त कर दी।
जीवन से खिलवाड़, करोड़ों की सैलरी हजम
मामला चौंकाने वाला इसलिए है क्योंकि यह सिर्फ़ सरकारी सिस्टम की सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि लोगों की जान से खेल है। बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के चिकित्सा सेवा देना सीधे-सीधे मरीजों की ज़िंदगी को जोखिम में डालना है।
इन 7 सालों में राहुल अग्रवाल को वेतन और भत्तों के रूप में करोड़ों रुपये का भुगतान हुआ। सवाल यह है कि जिनकी ज़िम्मेदारी दस्तावेज़ सत्यापन और चयन प्रक्रिया की थी, वे सब 7 साल तक क्या कर रहे थे?
सूचना मांगने पर अजीबोगरीब जवाब
जब उसकी डिग्री, रजिस्ट्रेशन, इंटर्नशिप, चयन समिति और दस्तावेज़ सत्यापन समिति की जानकारी विभाग से मांगी गई, तो जवाब मिला — “यह निजी जानकारी है, साझा नहीं की जा सकती।”
यानी जनता के टैक्स के पैसों से तनख्वाह लेने वाला एक फर्जी डॉक्टर, और उसकी जानकारी भी गोपनीय!
अब किसकी होगी जिम्मेदारी?
एनएचएम की एमडी प्रियंका शुक्ला के पास अब यह मौका है कि तय समय सीमा में जांच कर सभी जिम्मेदारों को बेनकाब करें और कार्रवाई करें।
वरना, जैसा कि सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है — “हम भी अपनी जांच रिपोर्ट जल्द जनता के सामने रखेंगे।”




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