October 19, 2026

भाजपा से न देश सम्हल रहा है न देश की अर्थव्यवस्था, कोर सेक्टर निचले स्तर पर

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रायपुर । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के द्वारा मई 2025 के लिए जारी उत्पादन इंडेक्स के आंकड़ों को मोदी सरकार के आर्थिक नाकामी का रिपोर्ट कार्ड करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि चार प्रमुख कोर सेक्टर के उत्पादन में बड़ी गिरावट मोदी सरकार के आर्थिक नाकामी को प्रमाणित करता है। उर्वरक उत्पादन में 2025 में 5.9 प्रतिशत घटा है, जबकि बिजली उत्पादन में पिछले महीने से 5.8 प्रतिशत की कमी है। अप्रैल में इसका उत्पादन पिछले साल की तुलना में 2.2 प्रतिशत कम रहा है। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन भी मई 2025 में घटा है, कोर सेक्टर में इस तरह की गिरावट मोदी सरकार के अनर्थशास्त्र और वित्तीय कुप्रबंधन का प्रमाण है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार में घरेलु उत्पादन लगातार घट रहा है, देश पर कुल कर्ज का भार बढ़कर 2014 के तुलना तीन गुना से अधिक हो गया है, व्यापार संतुलन बिगड़ रहा है, निर्यात दिनोदिन घट रहे हैं, आयात पर निर्भरता बढ़ रही है और आत्ममुग्ध भाजपाई संकल्प से सिद्धि इवेंट कर रहे हैं, विकसित भारत अभियान चलाकर जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। कोर सेक्टर में गिरावट से देश की सबसे बड़ी असल समस्या, महंगाई और बेरोजगारी को और बढ़ावा मिलेगा। रोजगार की आस लगाए युवाओं को नए रोजगार तो दूर बल्कि इन कोर सेक्टरों में कार्यरत लाखों लोगों की नौकरी जाने का भी खतरा बढ़ गया है। उत्पादन घटने से महंगाई बढ़ना भी तय है, इससे कम आय में गुजारा कर रहे लोगों के जीवन स्तर में और भी गिरावट आएगा।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मई 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ घटकर मात्र 0.7 प्रतिशत रह गई है जो विगत 9 महीने के निचले स्तर पर है। देश के कोर सेक्टर में 8 प्रमुख क्षेत्र आते हैं- कोयला, कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, प्राकृतिक गैस, उर्वरक, सीमेंट, इस्पात और बिजली, इनमें चार सेक्टरों उर्वरक, बिजली, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस में गिरावट दर्ज की गई है। मोदी सरकार के गलत आर्थिक नीतियों के चलते ही देश में असमानता बढ़ रही है, गरीब और गरीब हो रहा है, सत्ता के संरक्षण में कुछ पूंजीपति मित्रों पर ही देश के संसाधन लुटाए जा रहे हैं। भुखमरी इंडेक्स में हम लगातार पिछड़ते जा रहे हैं, डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होते जा रहा है। असेंबलिंग को मैन्युफैक्चरिंग बताकर झूठ बोला जा रहा है। नवरत्न कंपनी और सरकारी उपक्रमों को बेचा जा रहा है, यह सरकार अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर नाकाम सबित हुई है।

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