बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी: ‘मन की बात’ से मिली राष्ट्रीय पहचान
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य ने वन्यजीव संरक्षण में इतिहास रच दिया है। 1970 के दशक में राज्य से विलुप्त हो चुके काले हिरण (ब्लैकबक) अब एक बार फिर यहाँ के घास के मैदानों में कुलाचें भर रहे हैं।
मुख्य आकर्षण:
सफलता का आंकड़ा: वैज्ञानिक प्रयासों और बेहतर प्रबंधन से काले हिरणों की संख्या अब 200 के करीब पहुँच गई है।
राष्ट्रीय गौरव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के इस पुनरुद्धार मॉडल की सराहना की है।
वैज्ञानिक रणनीति: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में फरवरी 2026 में ‘सॉफ्ट रिलीज’ पद्धति के जरिए 30 हिरणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
रामपुर ग्रासलैंड: हिरणों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया यह चारागाह उनके फलने-फूलने का मुख्य आधार बना है।
तकनीकी सुरक्षा: इन दुर्लभ हिरणों की सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकिंग और हाई-टेक निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
महत्व: यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को समृद्ध करती है, बल्कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक वैश्विक उदाहरण पेश करती है।

The News Related To The News Engaged In The Hasdeo Pravah Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
