October 18, 2026

विधायक पुन्नूलाल मोहले के सबसे चहेते जिलाध्यक्ष का अरूण साव समर्थकों से सौतेला व्यवहार…क्या गुटीय राजनीति में उलझी भाजपा ? भाजपा जिलाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप

0
IMG-20251217-WA0147.jpg



मुंगेली/ कड़ाके की ठंड के बीच मुंगेली की राजनीति गरमाई हुई हैं, मुंगेली के चौक-चौराहों में जनता के बीच हो रहे राजनीतिक चर्चा से यहां की राजनीतिक हवा गर्म हो चुकी हैं। खासकर भाजपा में उथलपुथल मचा हुआ हैं। शहर की राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा हैं कि मुंगेली जिले में भाजपा सत्तापक्ष के तीन प्रमुख कद्दावर निर्वाचित नेता हैं जिसमें केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और पूर्व मंत्री व विधायक पुन्नूलाल मोहले। ऐसे में कभी कभी स्वयं या समर्थकों के कार्यो को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा भी होना सामान्य बात हैं, राजनीतिक जानकारों का मानना हैं कि मुंगेली विधानसभा, शहर में पूर्व मंत्री एवं विधायक पुन्नूलाल मोहले का ही दबदबा हैं और चाहे वह पार्टी से संबंधित विषय हो ? या राजनीति से ? या प्रशासनिक ? स्थानीय विधायक की विशेष पूछपरख होती हैं, आलाकमान भी स्थानीय विधायक की बातों या अनुशंसा को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पूरे मुंगेली में यह हमेशा से चर्चा रहा हैं कि विधायक पुन्नूलाल मोहले के बहुत ही करीबी और खास होने की वजह से दीनानाथ केशरवानी को भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाया गया, भाजपा जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी शुरू से विधायक पुन्नूलाल मोहले के समर्थक और प्रशंसक रहे हैं जिसके चलते उन्हें जिलाध्यक्ष का मिला। लेकिन पूरे मुंगेली में यही चर्चा हैं कि विधायक पुन्नूलाल मोहले के चहेते दीनानाथ केशरवानी भाजपा जिलाध्यक्ष बनते ही मनमानी शुरू कर दिए हैं और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्थानीय समर्थकों की उपेक्षा कर उन्हें दरकिनार किया जा रहा हैं, कई कार्यक्रमों में साव समर्थकों की उपेक्षा की जाती हैं, जिससे उनमें बहुत नाराजगी हैं। नाम न बताने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने बताया कि बड़े ओहदे में होने के बावजूद भी उनका नाम बेनर पोस्टर से साव समर्थक होने की वजह से गायब कर दिया गया था। बहरहाल मुंगेली भाजपा में चल रहे उथलपुथल की राजनीति किसी से छिपी नहीं हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed