मुंगेली: आवेश में आकर पत्नी को लात मारने से हुई थी मौत, पति को 10 साल की सजा
मुंगेली।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरजा देवी मेरावी की अदालत ने पत्नी की गैर-इरादतन हत्या के मामले में आरोपी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोषी का नाम बनस उर्फ बनसू कुमार यादव (39 वर्ष) है, जो लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम लमनी (चौकी खुड़िया) का निवासी है। उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दोषी पाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत मामले के अनुसार, घटना 7 सितंबर 2024 की है। आरोपी बनस यादव ने घरेलू विवाद के दौरान आवेश में आकर अपनी पत्नी को लात मार दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (प्रदर्श पी-15) में पुष्टि हुई कि हमले के कारण मृतिका के महत्वपूर्ण अंगों (वाइटल ऑर्गन) में गंभीर चोट आई, जिससे आंतरिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मृत्यु हो गई।
बेटी की गवाही से साबित हुआ जुर्म
इस मामले में मृतिका की बेटी आरती की गवाही सबसे अहम रही। उसने न्यायालय को बताया कि घटना के समय माता-पिता घर पर एक साथ थे। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि घर के भीतर हुई इस घटना के संबंध में आरोपी ने अपने बचाव में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट ने अभियोजन के पक्ष को मजबूत किया।
सोची-समझी हत्या नहीं, आवेश में हुआ अपराध
न्यायालय ने सत्र प्रकरण क्रमांक 35/2024 में फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि आरोपी ने किसी सोची-समझी साजिश या तैयारी के साथ घातक हथियार से वार नहीं किया था। घटना आवेश में आकर घटित हुई, इसलिए इसे हत्या (धारा 103) न मानकर गैर-इरादतन हत्या (धारा 105 बीएनएस) माना गया।
हालांकि, अपराध की गंभीरता और समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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