October 19, 2026

नगर सौंदर्यीकरण की भेंट चढ़ता गौरव पथ — बढ़ती यातायात समस्या से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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मुंगेली । नगर में चल रहा सौंदर्यीकरण अभियान अब नगरवासियों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। गौरव पथ के निर्माण कार्य को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ चुके हैं, वहीं अब इस सौंदर्यीकरण ने यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। पड़ाव चौक से लेकर मुख्य बाजार क्षेत्र तक जाम की स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि मात्र आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को आधे घंटे से लेकर पैंतालीस मिनट तक का समय लग रहा है।

लोगों का कहना है कि पहले जहां यातायात सामान्य रूप से चलता था, वहीं अब नए डिवाइडर निर्माण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं। बड़े वाहनों के गुजरने पर सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई लोग इस अव्यवस्था के खिलाफ विरोध करने की तैयारी में हैं।



पांच करोड़ की लागत पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, गौरव पथ निर्माण पर लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। पहले से बने डिवाइडरों को तोड़कर नए डिवाइडर बनाने का कार्य जारी है। पहले इन डिवाइडरों से यातायात में कोई समस्या नहीं थी, लेकिन अब अत्यधिक चौड़ाई के कारण सड़क का उपयोग घट गया है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर गुणवत्ता से समझौता किया गया है।

इसके अलावा, पहले डिवाइडरों पर लगे हरे-भरे पौधों को हटाए जाने से पर्यावरण प्रेमियों में भी नाराजगी है। पेड़ों की कटाई का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब जाम की समस्या ने नगर प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी, खुले सरिए बन रहे खतरा

लोगों ने यह भी शिकायत की है कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है। डिवाइडरों के दोनों ओर खुले सरिए और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है, जिससे राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।



जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल

नगरवासी पूछ रहे हैं कि नगर पालिका के जनप्रतिनिधि आखिर इस स्थिति पर मौन क्यों हैं? जब डिवाइडरों को तोड़ा जा रहा था, तब “सौंदर्यीकरण” का जो दावा किया गया था, वह अब धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा है। उल्टे नागरिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

लोगों का कहना है कि पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को स्वयं स्थल पर जाकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। जिस विश्वास के साथ नगरवासियों ने उन्हें जनादेश दिया था, यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह विश्वास कमजोर पड़ सकता है।

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