October 20, 2026

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में हलचल तेज — कांग्रेस ने 22 उम्मीदवारों को दी मंजूरी, सीट बंटवारे पर रस्साकशी जारी

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच महागठबंधन में सीटों को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बुधवार को हुई अहम बैठक में करीब 50 नामों पर विचार किया गया, जिनमें से 22 से अधिक उम्मीदवारों को हरी झंडी दे दी गई। इनमें कई मौजूदा विधायक शामिल हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस अपनी परंपरागत सीटों पर किसी भी सूरत में समझौता करने को तैयार नहीं है।

बैठक में कांग्रेस ने उन्हीं चेहरों को प्राथमिकता दी जिनकी जमीनी पकड़ और संगठनात्मक नेटवर्क मजबूत माना जाता है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम (कुटुंबा) और CLP नेता शकील अहमद खान (कदवा) की उम्मीदवारी को भी औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। इन दोनों की सीटें पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न मानी जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम RJD सहित अन्य महागठबंधन सहयोगियों को यह स्पष्ट संदेश देने वाला है कि पार्टी अपने प्रभावशाली क्षेत्रों को छोड़ने के मूड में नहीं है।

कांग्रेस की उम्मीद — 60 से ज्यादा सीटों की मांग

कांग्रेस को भरोसा है कि महागठबंधन में उसे 60 से अधिक सीटें मिलेंगी। बुधवार की बैठक में इन्हीं संभावित सीटों पर विस्तृत चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सीटें मुख्यतः उन इलाकों की हैं जहां कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत है।

महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की बातचीत अब अंतिम चरण में है। सूत्रों के अनुसार, 11 या 12 अक्टूबर को पटना में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।

महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान

महागठबंधन में इस बार RJD सबसे बड़ी साझेदार है और वह 130 सीटों पर दावा कर रही है। वहीं कांग्रेस ने 60-65 सीटों की मांग रखी है, लेकिन RJD कांग्रेस को 50-55 सीटों से अधिक देने को तैयार नहीं है।
इसके अलावा मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने इस बार 35-40 सीटों और डिप्टी सीएम पद की मांग कर राजनीतिक समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है।

लेफ्ट पार्टियां भी महागठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में हैं। विशेष रूप से CPI(ML) ने पिछली बार की तुलना में इस बार 19 की बजाय 30 सीटों पर दावा किया है।
वहीं RJD की ओर से तैयार प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार —

VIP को 14-18 सीटें,

लेफ्ट दलों को 30-32 सीटें,

JMM को 3 सीटें,

RLJP (पशुपति पारस गुट) को 2 सीटें देने की योजना है।

राजनीतिक हलकों में यह पूरा घटनाक्रम आने वाले दिनों में महागठबंधन के समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है। कांग्रेस का आक्रामक रुख और RJD की सीमित पेशकश से यह स्पष्ट है कि सीट बंटवारा आसान नहीं होने वाला है। आने वाले कुछ दिनों में यह तय होगा कि क्या महागठबंधन एकजुट रह पाता है या अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आते हैं।

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