October 19, 2026

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का विरोध, आतंकवाद में शहीद हुए परिवार ने कहा – “पाकिस्तान से किसी भी तरह का संबंध नहीं होना चाहिए”

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भावनगर । भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को एशिया कप 2025 का मुकाबला खेला जाना है। इससे पहले इस मैच का विरोध शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले मृतकों के परिवार ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का कड़ा विरोध किया है।

गुजरात के भावनगर के यतीशभाई परमार और उनके बेटे सिम्स के परिवार ने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना उन शहीदों के बलिदान का अपमान है जिन्होंने आतंकवाद की वजह से जान गंवाई। परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा – “हमारे आंसू अभी सूखे भी नहीं हैं, ऐसे में पाकिस्तान के साथ कोई मैच नहीं होना चाहिए।”

यतीशभाई परमार की पत्नी कल्पनाबेन परमार ने कहा कि दोनों देशों के बीच मुकाबला नहीं होना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील करते हुए कहा कि जो भी इस मैच का हिस्सा बनेंगे, उन्हें खुद इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए।

कल्पनाबेन ने कहा – “पहलगाम हमले में मेरे पति और 16 साल का बेटा शहीद हो गया। मुझे इस घटना का इतना दुख है कि मैं आज तक संभल नहीं पाई हूं। भारत को पाकिस्तान से हर स्तर पर संबंध तोड़ लेना चाहिए, क्योंकि जो देश आतंक को बढ़ावा देता है, उससे दोस्ती नहीं की जा सकती।”

शहीद यतीशभाई परमार के बेटे सावन परमार ने भी साफ कहा कि “मेरे परिवार के दो सदस्य आतंकवाद में मारे गए। ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों के लहू से विश्वासघात होगा। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, इसलिए भारत को उसके साथ किसी भी तरह का खेल या संबंध नहीं रखना चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिनमें यतीशभाई परमार और उनका बेटा सिम्स भी शामिल थे। आतंकी हमले में निर्दोष श्रद्धालुओं और सैलानियों को निशाना बनाया गया था।

इस घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ चलाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। बावजूद इसके, शहीद परिवारों का कहना है कि पाकिस्तान से किसी भी तरह का रिश्ता रखना शहीदों के बलिदान का अपमान है।

परिवार ने केंद्र सरकार और क्रिकेट बोर्ड से अपील की है कि पाकिस्तान के साथ होने वाला कोई भी मैच रद्द किया जाए और भविष्य में भी इस आतंक समर्थक देश से दूरी बनाई जाए।

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