October 19, 2026

आपातकाल की 50वीं बरसी पर भाजपा ने मनाया “काला दिवस”, मुंगेली में मीसाबंदियों को किया गया सम्मान

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मुंगेली। देश के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्याय आपातकाल की 50वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में काला दिवस मनाया। जिला भाजपा कार्यालय, अटल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मीसाबंदियों और उनके परिजनों को शॉल और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि संविधान बचाने का ढिंढोरा पीटने वाली कांग्रेस ने ही 25 जून 1975 को लोकतंत्र का गला घोंटा था। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को जेल में तब्दील कर दिया था, लाखों लोगों को बिना अपराध जेल में डाला गया था, अखबारों की आवाज बंद कर दी गई थी। यह तानाशाही का वो दौर था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। पूर्व मीसाबंदी द्वारिका जायसवाल ने कहा कि “मुंगेली में आज तक रेल लाइन नहीं आई, लेकिन मुझे 50 साल पहले रेल पटरी उखाड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।” उन्होंने बताया कि किस तरह आपातकाल के दौरान झूठे आरोपों में गिरफ्तार कर लोगों को प्रताड़ित किया गया। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गिरीश शुक्ला ने कहा कि 19 महीने चले आपातकाल में नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। जो भी सरकार के खिलाफ बोलता, उसे जेल भेज दिया जाता था। कांग्रेस ने देश को तानाशाही की आग में झोंक दिया। कोमलगिरी गोस्वामी ने कहा कि आपातकाल की भयावह सच्चाई को आज देश को बार-बार याद दिलाने की जरूरत है, ताकि लोकतंत्र की रक्षा हो सके। कांग्रेस की सत्ता लोलुपता ने भारत को संविधान विरोधी शासन में ढकेल दिया था। जिला भाजपा अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी ने कहा कि लोकतंत्र को कुचलने वाली कांग्रेस ही आपातकाल के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सत्ता के मोह में कांग्रेस ने देश को बेड़ियों में जकड़ दिया था। कार्यक्रम का संचालन निश्चल गुप्ता ने किया और आभार गुरमीत सलूजा ने जताया।
सम्मानित मीसाबंदी एवं परिजन:
द्वारिका प्रसाद जायसवाल, भरतलाल सोनी (स्व.), कृष्ण कुमार सोनी, रूपनाथ सोनी (स्व.), डॉ. विजय कुमार गुप्ता (स्व.), डॉ. प्रेमकुमार वर्मा (स्व.), रामानुजलाल श्रीवास्तव (स्व.), अनिल गुप्ता (स्व.), तुलाराम स्वर्णकार (स्व.), मुनीराम साहू (स्व.), नन्हूलाल सोनी (स्व.), डॉ. भानुप्रताप गुप्ता (स्व.), फूलचंद जैन (स्व.), निरंजन प्रसाद केशरवानी (स्व.), रामसुन्दर पाण्डेय (स्व.), नरपुंगव सिंह, कीमतराय केशवानी (स्व.), साधुराम केशवानी, कपिल नारायण देवांगन, रमेशकुमार साहू, शांतिलाल लूनिया (स्व.), रमेशचंद्र दीक्षित (स्व.), गोपाल वैष्णव (स्व.), गुरुवचन सिंह सालूजा, भारत भूषण गंधर्व (स्व.), त्रिभुवनलाल श्रीवास्तव (स्व.), आनंद मिश्रा, रामलाल जैन समेत कई लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया।

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