अंकित शर्मा हत्याकांड: पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद
नईदिल्ली। फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कडड़ूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके साथ ही अदनान, जावेद, नाजिम और कासिम को भी उम्रकैद हुई है। इससे पहले कोर्ट ने मामले में इन 5 लोगों को दोषी ठहराया था।
कोर्ट ने कहा, यह बेहद गंभीर घटना थी, जिसने समाज को झकझोर दिया। जिस तरह से ये हुआ, उसने समाज को आत्मनिरीक्षण करने और हत्या की ओर ले जाने वाली घटनाओं पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया।
कोर्ट ने माना कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का था और सभी दोषियों के लिए आजीवन कारावास ही उचित था।
कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पीडि़त को खून के प्यासे हिंसक गिरोह ने मार डाला।
दिल्ली पुलिस ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने के लिए कोई सबूत पेश करने में विफल रहा कि पांचों दोषियों का स्वभाव हिंसक था या उनमें इस तरह के अपराध करने की निरंतर प्रवृत्ति थी।
कोर्ट ने यह भी पाया कि इनमें से किसी भी दोषी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
कड़कडड़ूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को दोषी ठहराया था। हालांकि, 6 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, अंकित को जानवरों की तरह मारा गया। मारने के बाद भी शव को नाले में फेंका गया। यह बर्बरता घृणित और दिल दहला देने वाली है। अपराध जिस तरीके से किया गया वह अत्यंत क्रूरतापूर्ण था, और पूरी तरह से धर्म के आधार पर किया गया था।
कोर्ट के फैसले पर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा न्याय की शुरुआत है। जिस निर्दयता के साथ अंकित शर्मा जी को मारा गया , मृत्यु के बाद भी चाकूओं से गोदा जाता रहा, शव को नाले में फेंक दिया गया, ये निश्चित तौर पर दुर्लभ में भी दुर्लभ मामला है। हाई कोर्ट में इस उम्रकैद को फांसी में बदला जाए, ऐसी आशा है।
25 फरवरी, 2020 को दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान अंकित अपने घर से सामान लेने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन यानी 26 फरवरी को उनका शव एक नाले से मिला।
उनके शरीर पर चोटों के कई निशान थे। उनके पिता ने ताहिर समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। एसआईटी की जांच के बाद मार्च, 2020 में ताहिर को गिरफ्तार किया गया।
मार्च, 2023 में ताहिर और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए।

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