October 19, 2026

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा फैसला, प्रधानमंत्री को भेजा इस्तीफा

0
IMG_20260725_150633



परीक्षा में अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की घोषणा, कहा— युवाओं का भविष्य किसी भी विवाद से बड़ा

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर उपजे विवाद और हालिया घटनाक्रम के बीच बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेजने की घोषणा की है। युवाओं के नाम जारी एक विस्तृत पत्र में उन्होंने परीक्षा में हुई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि देश के विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी कानूनी या राजनीतिक विवाद में नहीं उलझना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा उनका हमेशा से यह विश्वास रहा है कि सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों का वे सदैव सम्मान करते रहे हैं।

NEET-UG में अनियमितताओं का किया उल्लेख

अपने पत्र में उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल मामला सीबीआई को सौंपा। इसके बाद परीक्षा निरस्त कर पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया तथा अगले वर्ष से परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने का फैसला किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना थी। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

“जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा”

धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पहले दिन से ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी उससे मुंह नहीं मोड़ा। उनका प्रयास रहा कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण प्रभावित न हो तथा किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की।

“पिछले दस दिनों की घटनाओं से मन दुखी”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि परिणाम आने के बाद भी कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उन्हें किसी भ्रम या भटकाव में नहीं फंसने देना चाहिए।

इस्तीफे की घोषणा

पत्र में उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर और देश में बने हालात, राष्ट्रीय एकता तथा विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उनका कहना है कि वे नहीं चाहते कि किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में उलझे और विद्यार्थी अपना समय केवल पढ़ाई तथा करियर निर्माण में लगाएं।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और अपने साथ कार्य करने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी वे इसी भावना के साथ भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा करते रहेंगे।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

धर्मेंद्र प्रधान के इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाता है, तो यह NEET-UG विवाद के बाद केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा।

>

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed