October 19, 2026

मुंगेली का बढ़ता दबदबा: प्रेम आर्य बने FCI राज्य समिति के सदस्य, अब सीधे केंद्र तक पहुंचेगी किसानों की आवाज

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रायपुर/मुंगेली। छत्तीसगढ़ में कृषि और खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय लिया गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) की राज्य परामर्शदात्री समिति का विस्तार किया गया है। इस महत्वपूर्ण समिति में मुंगेली के सक्रिय भाजपा नेता प्रेम आर्य को सदस्य नियुक्त किया गया है, जिसे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।


मुंगेली को मिला राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व
प्रेम आर्य की इस नियुक्ति से मुंगेली जिले के किसानों की सीधी पहुंच अब राज्य और केंद्र स्तर तक हो जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल जिले का राजनीतिक महत्व बढ़ा है, बल्कि क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण में भी तेजी आएगी।
किसानों के मुद्दों पर रहेगा विशेष फोकस
समिति के सदस्य के रूप में प्रेम आर्य अब निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे:
धान खरीदी एवं उठाव: प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाना।


भंडारण क्षमता: जिले में खाद्यान्न भंडारण की सुविधाओं का विस्तार।
बोनस एवं भुगतान: किसानों को समय पर उनके हक की राशि दिलाना।
परिवहन: खाद्यान्न परिवहन की व्यवस्था को व्यवस्थित करना।
प्रदेश भर से 14 दिग्गजों को मिली जगह
सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा गठित इस समिति में छत्तीसगढ़ के हर अंचल का ध्यान रखा गया है। समिति में मुंगेली से प्रेम आर्य के साथ-साथ जगदलपुर से संतोष बाफना, अंबिकापुर से मेजर अनिल सिंह और दुर्ग से चैनसुख भट्टर समेत कुल 14 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
“जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले प्रतिनिधियों के जुड़ने से किसानों की वास्तविक समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुँचाने और उनका त्वरित समाधान करने में मदद मिलेगी।”
— बृजमोहन अग्रवाल, सांसद
मुंगेली में उत्साह का माहौल
प्रेम आर्य की नियुक्ति की खबर मिलते ही मुंगेली में भाजपा कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अपनी इस नई जिम्मेदारी पर प्रेम आर्य ने कहा, “यह पद मेरे लिए सेवा का एक नया अवसर है। मेरा प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होगा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले और धान भंडारण की प्रक्रिया सुगम हो सके।”

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