October 18, 2026

मुंगेली: हल्की बारिश ने खोली बिजली विभाग के ‘मेंटेनेंस’ की पोल, रात भर अंधेरे में तड़पे शहरवासी;लापरवाह अफसरों ने बंद किए फोन

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मुंगेली। मंगलवार की शाम प्रकृति ने भीषण गर्मी से राहत देने के लिए ठंडी हवाएं और हल्की फुहारें तो भेजीं, लेकिन बिजली विभाग की बदहाली ने इस राहत को मुंगेली की जनता के लिए ‘आफत’ बना दिया।

मामूली अंधड़ आते ही शहर की विद्युत व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह गई। आलम यह रहा कि जिम्मेदार अधिकारी जनता को अंधेरे में छोड़कर खुद गहरी नींद में सो गए और कई इलाकों में पूरी रात बत्ती गुल रही।
दिखावा साबित हुआ मेंटेनेंस: आधे घंटे की हवा ने उड़ा दी धज्जियां


विद्युत विभाग हर महीने घंटों बिजली काटकर मेंटेनेंस के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन मंगलवार शाम 6 बजे चली मामूली हवा ने विभाग के इन खोखले दावों की कलई खोल दी। जैसे ही मौसम बदला, पूरा शहर अंधेरे के आगोश में समा गया। लोगों को उम्मीद थी कि बिजली जल्द आएगी, लेकिन भीषण उमस के बीच रात गुजर गई और विभाग की व्यवस्थाएं ठप पड़ी रहीं।


अधिकारियों की संवेदनहीनता: जब जनता को जरूरत थी, तब बंद कर लिए मोबाइल
इस संकट की घड़ी में बिजली विभाग के अधिकारियों का व्यवहार सबसे ज्यादा शर्मनाक रहा।


फ्यूज कॉल सेंटर: विभाग का एकलौता कॉल सेंटर महज एक ‘शोपीस’ बनकर रह गया। उपभोक्ता फोन मिलाते रहे, लेकिन नंबर लगातार व्यस्त रहा।
अधिकारियों की चुप्पी: जब परेशान जनता ने अधिकारियों को फोन किया, तो कई ‘साहबों’ के मोबाइल स्विच ऑफ मिले। जिनके फोन चालू थे, उन्होंने कॉल उठाना भी अपनी शान के खिलाफ समझा। यह स्पष्ट रूप से विभाग की तानाशाही और आम जनता के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
स्मार्ट मीटर से कमाई पर ध्यान, सुविधाओं में ‘स्टाफ’ का बहाना
विभाग ने उपभोक्ताओं की जेब ढीली करने के लिए स्मार्ट मीटर तो आनन-फानन में लगा दिए, लेकिन सेवा देने के नाम पर आज भी वही पुराना ‘स्टाफ की कमी’ का बहाना बनाया जा रहा है। जनता सवाल पूछ रही है कि जब बिल वसूली के समय कर्मचारी कम नहीं पड़ते, तो फॉल्ट सुधारने के वक्त विभाग लाचार क्यों हो जाता है?
जनता में भारी आक्रोश: कभी भी फूट सकता है आंदोलन का ज्वालामुखी
बिजली विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली से मुंगेली की जनता अब सड़क पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि वे समय पर भारी-भरकम बिल भरते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ अंधेरा और अधिकारियों की बदतमीजी मिलती है।

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