मुंगेली में अवैध प्लाटिंग का बढ़ता कारोबार, नगर पालिका कड़ी कार्रवाई की तैयारी
मुंगेली में अवैध प्लाटिंग का बढ़ता कारोबार, नगर पालिका कड़ी कार्रवाई की तैयारी
अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल, शासन को करोड़ों का नुकसान।
मुंगेली,,,नगर पालिका परिषद क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का जाल लगातार फैलता जा रहा है। पंडरिया रोड स्थित पेट्रोल पंप के पीछे स्वर्ण वाडीका और एस.एन.जी. कॉलेज के सामने बिना अनुमति लिए सीसी रोड तक बना दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद नगर पालिका ने जांच टीम गठित कर दी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्यों पर अब सख्त कार्रवाई तय है।
शहर में अवैध प्लाटिंग का धंधा खुलेआम चल रहा है, जिससे शासन के राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति लिए बिना की जा रही प्लाटिंग में न सड़क की योजना होती है, न नाली की व्यवस्था और न ही पेयजल या गार्डन जैसी मूलभूत सुविधाएँ। बाद में यही सुविधाएँ नगर पालिका को अपने खर्च पर बनानी पड़ती हैं, जिससे शासन पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ता है।
बिचौलियों के जाल में फंस रही आम जनता
जानकारी के मुताबिक जमीन के बिचौलिये कम कीमत पर प्लाट देने का लालच देकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। नियम-कायदों की जानकारी न होने के कारण लोग इनके चंगुल में फँसते जा रहे हैं। मुंगेली शहर का शायद ही कोई इलाका बचा हो जहाँ जमीन दलाल सक्रिय न हों। पिछले 6 वर्षों से चल रहे इस खेल पर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि इस धंधे में स्थानीय नेताओं, पटवारियों और राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की चर्चा भी आम है।
जिला मुख्यालय में भी अवैध प्लाटिंग का बोलबाला
ठक्कर बापा वार्ड से नवापारा जाने वाली सड़क, सर्किट हाउस के पीछे, कलेक्टर बंगले के सामने–पीछे लगभग 25 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर हजारों प्लाट बेचने की तैयारी की जा रही है। शहर के चारों दिशाओं में फैलती अवैध कॉलोनियों पर अधिकारियों की चुप्पी से कॉलोनाइजरों के हौसले और भी बढ़े हुए हैं।
कलेक्टर के आदेश के बावजूद कार्यवाही ठप
मुंगेली को जिला बने 10 साल से अधिक हो गए, लेकिन अवैध प्लाटिंग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। वर्तमान कलेक्टर ने 2 फरवरी को नगर पालिका परिषद को अवैध प्लाटिंग रोकने और कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था। परिषद की बैठक में CMO ने साफ कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में बनी कोई भी नई कॉलोनी वैध नहीं है। इसके बावजूद अब तक एक भी कॉलोनाइजर पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुई।
पावर ऑफ अटार्नी का दुरुपयोग, किसान सबसे ज्यादा परेशान
कई कॉलोनाइजर किसान की जमीन खरीदने के नाम पर उन्हें मामूली रकम का बयाना देकर इकरारनामा की बजाय “पावर ऑफ अटार्नी” ले लेते हैं। बाद में किसान नियम-कानून में फंस जाते हैं, जबकि दलाल आसानी से बच निकलते हैं। प्लाट खरीदने वाले भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान होते हैं।
निष्पक्ष जांच ही कर सकती है परतें उजागर
सूत्र बताते हैं कि बाहरी टीम से निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई जमीन बिचौलियों, पटवारियों और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ सकती है। शहर में कुछ दलाल सरकारी जमीन पर भी प्लाटिंग कर चुके हैं या करने के प्रयास में लगे हैं।
इन इलाकों में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग
पंडरिया रोड, शक्ति माई मंदिर के पास
शिक्षक नगर, पेन्डाराकापा
सूरीधाट, नवागढ़ रोड के कई हिस्से
साइंस कॉलेज और एस.एन.जी. कॉलेज के सामने
परमहंस वार्ड, खर्राघाट
बिलासपुर रोड, एलआईसी कार्यालय के आगे
कलेक्टर बंगले के पीछे और करही–देवरी रोड
इन स्थानों पर बिना अनुमति के प्लाटिंग और निर्माण कार्यों से नियम-कानून की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर का कहना है कि नगर पालिका परिषद अंतर्गत अवैध प्लाटिंग कर सीसी रोड़ निर्माण कराया गया है और नगर पालिका परिषद से एनओसी भी नहीं लिया गया है। मुंगेली पंडरिया रोड पेट्रोल पंप के पीछे स्वर्ण वाडीका और एस.एन.जी.कॉलेज के सामने अवैध प्लाटिंग कर सीसी रोड़ निर्माण कराया गया है। जिसके लिए नगर पालिका परिषद से जांच ठीम गठित कर करवाही किया जायेगा।


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