October 19, 2026

ब्रेकिंग न्यूज़ : मुंगेली कांग्रेस में गहराता अंतर्कलह: जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के नेतृत्व पर उठे सवाल कही निष्कासन तो कही थोपा गया प्रत्याशी बन रही मुख्य वजह , सचिन पायलट के दौरे से पहले बढ़ी बेचैनी

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रायपुर/मुंगेली। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली में गुटबाजी और अंतर्कलह की स्थिति पिछले कुछ समय से लगातार गहराती जा रही है। एक तरफ जहाँ संगठन की एकता और मजबूती के बजाय आपसी खींचतान ने कार्यकर्ताओं को निराश कर दिया है। वही बीते दिनों हुए निष्कासन की कार्यवाही भी सवालों के घेरे मे है,, जो कार्यकर्ताओ के गुस्से का सबब बन रही है, आगामी 17 सितंबर को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट का दौरा प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के खिलाफ विरोध की लहर तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्मा न केवल पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं, बल्कि समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा कर रहे हैं।

डिंडौरी ब्लॉक बैठक में फूटा गुस्सा : शनिवार को डिंडौरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक में अचानक विवाद ने जोर पकड़ लिया। बैठक में कई पदाधिकारी खुले मंच पर ही इस्तीफ़ा देने को तैयार हो गए। उनका आरोप था कि जिला अध्यक्ष लगातार एकतरफा निर्णय ले रहे हैं। जोगी कांग्रेस से आए नए लोगों को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जबकि वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की राय तक नहीं पूछी जाती।

बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक चंद्रभान बारमते ने की, वहीं लोरमी के छाया विधायक थानेश्वर साहू भी मौजूद थे। लेकिन जब विवाद बढ़ता गया तो थानेश्वर साहू बैठक छोड़कर चले गए। इससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। बाद में चंद्रभान बारमते ने हस्तक्षेप कर नाराज़ पदाधिकारियों को किसी तरह शांत कराया, मगर असंतोष दबने की बजाय और गहरा हो गया।

पथरिया ब्लॉक में भी हुआ बवाल : रविवार को पथरिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में ही विवाद का माहौल बन गया। संचालक उमेश सोनी ने सभी कांग्रेसियों को बोलने का अवसर देने की बात कही। इस पर हाल ही में जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी रहीं पुष्पा घृतलहरे के पति ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ऐसा व्यक्ति, जिसने कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा और पार्टी को नुकसान पहुंचाया, उसे मंच देना अनुचित है।

चौंकाने वाली बात यह रही कि जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कार्रवाई करते हुए बाहरी प्रत्याशी को बाहर निकालने की बजाय स्वयं पुष्पा घृतलहरे के पति को ही बैठक से बाहर जाने को कह दिया। इस फैसले से कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष फैल गया। कई नेताओं ने इसे अधिकृत प्रत्याशी और उनके परिवार का अपमान बताते हुए वर्मा के खिलाफ खुलकर नाराज़गी जताई।

लगातार विवादों में जिला अध्यक्ष : यह पहली बार नहीं है जब जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा पर पक्षपात और उपेक्षा के आरोप लगे हों। नगर पालिका उपाध्यक्ष चुनाव में क्रॉस वोटिंग के दौरान भी उन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगा था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोरमी और पथरिया में उपाध्यक्ष चुनावों के दौरान अनुशासनहीनता पर अलग-अलग रवैया अपनाया गया। कहीं कठोर कार्रवाई की गई तो कहीं जानबूझकर चुप्पी साध ली गई। बूथ और मंडल स्तर की नियुक्तियों को लेकर भी असंतोष गहराया हुआ है। पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को जिम्मेदारियां सौंपना लगातार विवाद का कारण बना हुआ है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस रवैये से संगठन की एकजुटता कमजोर हो रही है और जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।

सचिन पायलट से की जाएगी शिकायत : सूत्रों के अनुसार, अब असंतुष्ट कार्यकर्ता 17 सितंबर को मुंगेली आ रहे कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के सामने खुलकर अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से लिखित शिकायत तैयार करने का भी निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यदि जिला स्तर पर ही संगठन में न्याय नहीं मिलेगा, तो वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखने को मजबूर होंगे। इस बीच, सचिन पायलट के दौरे से पहले जिले में बढ़ते विवाद ने पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। कांग्रेस कार्यकर्ता मानते हैं कि यदि समय रहते नेतृत्व ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो आने वाले चुनावों में संगठन की स्थिति कमजोर हो सकती है।

कार्यकर्ताओं की नाराज़गी : कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में जिला कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर हुआ है। उनका आरोप है कि वर्मा केवल अपने नज़दीकी लोगों को ही महत्व देते हैं। “हम वर्षों से कांग्रेस पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हमारी राय कभी नहीं ली जाती,” एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा। कई पदाधिकारियों ने यहां तक कह दिया कि वे अब इस तरह की राजनीति से तंग आ चुके हैं और उच्च नेतृत्व के सामने खुलकर बात करेंगे।

आगामी चुनावों पर असर : विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि गुटबाजी का यह सिलसिला जारी रहा तो कांग्रेस को आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। जमीनी कार्यकर्ता यदि नाराज़ होकर सक्रिय नहीं होंगे, तो पार्टी की चुनावी रणनीति प्रभावित होगी।

मुंगेली जिला कांग्रेस कमेटी में चल रही उठापटक और गुटबाजी ने संगठन की छवि पर गंभीर असर डाला है। जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा पर लगातार लग रहे पक्षपात और उपेक्षा के आरोप ने कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। सचिन पायलट के दौरे से पहले यह असंतोष खुलकर सतह पर आ गया है। अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी का उच्च नेतृत्व इस विवाद को कैसे सुलझाता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह विवाद आने वाले चुनावों में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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