October 19, 2026

कृषक सहयोग संस्थान द्वारा मुंगेली जिले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया

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कृषक सहयोग संस्थान, जो बाल अधिकारों के लिए कार्यरत 250 से अधिक संगठनों के राष्ट्रीय नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है, ने जिले भर में इस अभियान को संचालित किया। इसी कड़ी मे आज दिनांक 10 मार्च 2026 को मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकली मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस  मनाया गया।
संस्था के जिला समन्वयक ललित सिन्हा ने बताया की संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1975 मे महिला दिवस मनाने का विचार रखा गया था। फिर दिसंबर 1977 में, महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें महिला अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र दिवस की घोषणा की गई और 8 मार्च के दिन से सदस्य देशों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने का एक वैश्विक दिवस है। यह दिन लैंगिक समानता को गति देने के लिए कार्रवाई का आह्वान भी करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस  एक वैश्विक कार्यक्रम है, जिसे प्रतिवर्ष 8 मार्च को महिलाओं की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों का सम्मान करने के लिये मनाया जाता है।
भारत मे नारी शक्ति को विकास में बदलाव का आधार बताया गया, जहाँ ‘महिलाओं के लिये विकास’ से ‘महिला नेतृत्व वाला विकास’ की ओर बढ़त हुई और महिलाओं को विकसित भारत  की ओर सामाजिक-आर्थिक प्रगति के प्रमुख भूमिका है। आज हर क्षेत्र मे महिलाए अपनी उपस्थिती दर्ज करा रही है। घर के चूल्हा चौका से लेकर विभिन्न क्षेत्र मे नौकरी कर रही है शिक्षा, विज्ञान, व्यापार, सेना और सामाजिक क्षेत्र। अब राजनीतिक मे भी  महिला अपनी भूमिका निभा रही है और परूषों के बीच बैठकर समाज के हितकारी निर्णय ले रही है। महिला कल्याण द्वारा संचालित कार्यक्रम एवं योजनाएं बनाने मे योगदान दे रही है। बच्चियों को कम उम्र मे शादी न करने का संकल्प लिया और बच्चियों को  पढ़ने प्रोत्साहित करने, शोषण के खिलाफ एकजुट होकर बात रखने और आर्थिक विकास के लिए समूह मे जुड़कर कार्य कर रही बताए।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आँगनबाड़ी कार्यकर्ता गोदावरी कुलमित्र अपनी बात रखते हुये बताया की संस्था का बाल विवाह का रोकथाम का प्रयास और रथ यात्रा से लोग जागरूक हुये है और दो साल की सजा और एक लाख रूपय जुर्माना तथा बाल विवाह मे जो भी शामिल हो रहे हो जैसे टेंट वाले, हलवाई,पंडित, बारात मे आने वाले वर पक्ष और वधू पक्ष के लोगों को जेल हो जायगी की जानकारी  समाज मे अब डरने  लगे है, और सभी बलिकाए स्कूल जा रही है। गाँव मे बलिकाए बी॰ए, एम.ए कर रही है। संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास बाल विवाह पर जरूर रोक थाम लगेगा।  उन्होने बताया के उनका गाँव भी बाल विवाह मुक्त पंचायत ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्राम सभा मे प्रस्ताव रख पास किया गया है। उपस्थित महिलाओं और बच्चियों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न खेल प्रतियोगिता  करवाया  गया जिसमे महिलाओं ने भाग लिया और इनाम बाटा गया।  अंत मे सभी सक्रिय महिलाओं जिसमे गोदावरी कुलमित्र,रामकली, सविता कुलमित्र, क्रांति बाई, विद्या देवी राजपूत साल और श्रीफल और पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया। उपस्थित महिलाओं ने स्वल्पहार करवाया गया । सियाराम कश्यप ने कार्यक्रम मे आय महिलाओं का संस्था की ओर से आभार व्यक्त किया गया ।

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