October 20, 2026

“सत्ता के नशे में चूर ‘अध्यक्ष पति’ की खुली गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है ! शिवहरे फॉर्म हाउस पर कब्जे की कोशिश, CMO ने

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पल्लाझाड़ते हुए इस पर  कहा- ‘यह निजी गुंडागर्दी, पालिका का काम नहीं’ वही एक महीने में दूसरी बार गुर्गों के साथ चढ़े अध्यक्ष पति, व्यापारी को दी ‘स्टे’ न लेने की धमकी भी दे डाली साथ में आए पार्षद गुर्गे ने भी कैमरा छीना निजी जमीन के सामने शासकीय बताकर जमीन पर डलवाई मिट्टी वही इस पर CMO ने तहसीलदार से कहा- ‘हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं’ वही तखतपुर की भड़ास के पास धमकी वाले वीडियो उपलब्ध है  शहर में अब कानून का नहीं, बल्कि ‘अध्यक्ष पति’ की तानाशाही का राज चल रहा है। आज हद तो तब हो गई जब सत्ता की हनक में, पालिका अध्यक्ष के पति अपने गुर्गों और एक सत्तालोभी पार्षद के साथ एक व्यापारी की जमीन कब्जाने पहुँच गए। इतना ही नहीं, जब चोरी पकड़ी गई तो सीनाजोरी पर उतर आए।
जबरन मिट्टी डलवाकर जमीन पर कब्जे की कोशिश की। यह इस महीने में दूसरी बार है जब वे यहाँ दादागिरी दिखाने पहुँचे हैं।
धमकी और गुंडागर्दी:

जमीन मालिक व्यापारी अनिल शिवहरे को खुलेआम धमकी दी गई कि ‘कोर्ट से स्टे (Stay) मत लेना, वरना अंजाम बुरा होगा।’ मौके पर जमकर बहस हुई। हद तो तब हो गई जब सत्ता का सुख भोगने वाले उनके एक चहेते पार्षद ने सबूत मिटाने की नीयत से कैमरा तक छीनने की कोशिश की। लेकिन शायद वे भूल गए कि ‘तखतपुर की भड़ास’ के पास उनकी इस काली करतूत और धमकी का पूरा वीडियो रिकॉर्ड मौजूद है।
अचरच की बात तो ये है कि अध्यक्ष पति ने मौके पर रौब झाड़ते हुए इसे ‘शासकीय जमीन’ बताया और कहा कि यह नगर पालिका का काम है। उन्होंने बिना किसी रेवेन्यू ऑफिसर की पैमाइश के खुद ही फैसला सुना दिया।
लेकिन, नगर पालिका CMO ने इस झूठ की हवा निकाल दी बातचित में CMO ने स्पष्ट कहा- ‘नगर पालिका की कोई टीम वहां नहीं गई है, न ही ऐसा कोई प्रस्ताव पास हुआ है। यह काम रेवेन्यू विभाग का है, हमारा नहीं। अध्यक्ष पति जो मिट्टी डलवा रहे हैं, वो अपने किसी निजी मकसद से कर रहे हैं, पालिका का इससे कोई लेना-देना नहीं है।’
इतना ही नहीं, CMO ने तुरंत तहसीलदार को फोन लगाकर पल्ला झाड़ लिया और साफ कर दिया कि इस अवैध काम में प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।

पुराना इतिहास और प्रशासन पर सवाल:
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी ‘नारू कपड़ा दुकान’ में तोड़-फोड़ करने की धमकी दी गई थी। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इसी तरह अपनी आंखों पर पट्टी बांधे रखेगा? एक तरफ अध्यक्ष पति पालिका के नाम पर अवैध  कब्जे की कोशिश कर रहे हैं, जनता देख रही है कि कैसे एक निर्वाचित पद की आड़ में शहर को बंधक बनाया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष के पति की दबंगई अब शहर के लिए नासूर बनती जा रही है।

तहसीलदार शशांक शुक्ला तखतपुर ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जे की जानकारी मिली है उसमें कब्जा करने वाले पर कार्यवाही की जाएगी !
नियमों के रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी न्याय की गुहार कहाँ लगाए? एक तरफ शहर अतिक्रमण से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ ‘जिम्मेदार’ लोग ही जमीनों पर कब्जा करने में जुटे हैं।
क्या नारू कपड़ा दुकान की तरह  यहाँ भी कोई बड़ी घटना होने का इंतज़ार किया जा रहा है नगर में इसको लेकर जमकर चर्चा है

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