अवयस्क से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को 3 वर्ष की सजा
मुंगेली । त्वरित न्याय प्रदान करने हेतु गठित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (FTC) मुंगेली ने अवयस्क पीड़िता से छेड़छाड़ के गंभीर प्रकरण में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी कमल बघेल (38 वर्ष), निवासी करही, थाना सरगांव को 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹1000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (FTC) एवं पीठासीन अधिकारी श्री राकेश कुमार सोंम की अदालत ने सुनाया।
यह मामला थाना सरगांव के अपराध क्रमांक 170/2024 पर आधारित था, जिसमें आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1)(i), 76 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 12 और 8 के तहत आरोप लगाए गए थे।
क्या था मामला?
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने एक अवयस्क बालिका के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसके वस्त्र फाड़े और उसे डबरी की ओर धक्का देकर गिराया। घटना के दौरान आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें एवं उसे स्पष्ट रूप से लैंगिक संबंध हेतु प्रेरित करने जैसे आचरण किए जाने का आरोप सिद्ध हुआ।
सुनवाई और सबूत
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 11 गवाहों का परीक्षण कराया।
गवाहियों, चिकित्सीय रिपोर्ट एवं अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
पीड़िता के लिए सहायता
निर्णय में अदालत ने पीड़िता को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा भी की है, ताकि उसके पुनर्वास में सहायता मिल सके।
पुलिस और अभियोजन की भूमिका
इस प्रकरण की विवेचना थाना सरगांव प्रभारी संतोष शर्मा द्वारा की गई। अदालत में विशेष लोक अभियोजक (POCSO) मोतीलाल साहू ने पक्ष रखते हुए मजबूत पैरवी की।
निर्णय के बाद लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने मोतीलाल साहू को सफल पैरवी के लिए बधाई दी।
महत्व
यह फैसला अदालतों द्वारा गंभीर यौन अपराधों पर शून्य सहिष्णुता की नीति तथा बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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