पालतू पशुओं को बेसहारा छोड़ने वाले के खिलाफ मामला दर्ज – सड़क पर बने जाम और दुर्घटना के खतरे के बाद नगर निगम की कार्रवाई
बिलासपुर | थाना सरकंडा । नगर निगम और पुलिस की संयुक्त सक्रियता के चलते सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका तिराहा में सड़कों पर आवारा घूम रहे पालतू पशुओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोपी मनीष सिंह, निवासी मोपका, द्वारा अपने पालतू पशुओं को लावारिस अवस्था में छोड़ दिए जाने पर BNS की धारा 291, 325, 285 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 03, 11(1)(i) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
क्या है मामला?
दिनांक 15 जुलाई 2025 को प्रार्थी किशोर सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी, नगर निगम बिलासपुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मोपका क्षेत्र के निवासी मनीष सिंह अपने पालतू बैलों और गायों को खुले में बेसहारा छोड़ देता है, न तो चारा-पानी देता है और न ही उनके लिए किसी सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करता है।
इस लापरवाही के चलते उक्त पशु सड़क पर घूमते या बैठे पाए गए, जिससे उनके जीवन को खतरा पैदा हो रहा था और आम नागरिकों को भी सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था।
शिकायत की पुष्टि के लिए जोन कमिश्नर के मौखिक आदेश पर नगर निगम की टीम – जिसमें गजेंद्र मिरी, मोहन यादव, निलेश गढ़ेवाल, आलोक प्रधान, सत्यम कुर्रे शामिल थे – ने काउ कैचर ट्रैक्टर के साथ शाम 7 बजे मोपका तिराहा पर जांच की।
जांच के दौरान 20-25 पशु, जिनमें गाय, बछड़े और बैल शामिल थे, सड़क पर बैठे पाए गए। इन पशुओं के कानों में लगे टैग से यह पहचान की गई कि उनमें से 02 बैल और 06 गाय मनीष सिंह की हैं। स्पष्ट रूप से यह पाया गया कि आरोपी ने जानबूझकर अपने पालतू पशुओं को लावारिस स्थिति में छोड़ दिया था, जिससे न केवल पशुओं की सुरक्षा को खतरा था, बल्कि सड़क पर भारी जाम की स्थिति भी बन गई थी।
क्या कार्रवाई हुई?
नगर निगम की रिपोर्ट पर सरकंडा थाने में अपराध क्रमांक 978/2025 दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटना से अवगत कराने के बाद पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर, अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।
इस पूरी कार्यवाही को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल और सीएसपी सरकंडा सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।
संदेश स्पष्ट है – पालतू पशुओं को आवारा छोड़ना अपराध है
पुलिस एवं नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पालतू जानवरों को सड़क पर आवारा अवस्था में छोड़ना एक गंभीर अपराध है। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू पशुओं के साथ क्रूरता करता है या उन्हें आवारा अवस्था में छोड़ता है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या नगर निगम कंट्रोल रूम में दें।
इस तरह की लापरवाही को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

The News Related To The News Engaged In The Hasdeo Pravah Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
