October 26, 2026

धान खरीदी से पहले किसानों के नक्शा-खसरा सुधार पर जोर, 31 अक्टूबर तक होगा पंजीयन

0
IMG-20261024-WA0072



मुंगेली जिले में पॉलीगॉन जनरेशन के जरिए अब तक 6,336 खेतों का हुआ चिन्हांकन, 65,744 खसरे शेष; एसडीएम माया नंद चंद्रा की किसानों से अपील—सर्वेयर और कोटवार से संपर्क कर कराएं खेत का सीमांकन

मुंगेली। धान खरीदी की तैयारियों के बीच किसानों के नक्शा-अंकन, बंटांकन और एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। जिन किसानों के खेतों का नक्शा-अंकन अथवा बंटांकन अब तक नहीं हुआ है, उन्हें पॉलीगॉन जनरेशन के माध्यम से चिन्हांकित कर पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी की जा रही है। एसडीएम माया नंद चंद्रा ने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांव में नियुक्त सर्वेयर और कोटवार से संपर्क कर खेत की पहचान सुनिश्चित कराएं, ताकि समय पर पंजीयन हो सके और धान बेचने में परेशानी न आए।

एसडीएम ने बताया कि गांवों में सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं और सर्वे का काम जारी है। जिन किसानों के खेतों का नक्शा या बंटांकन बाकी है, उनके खेतों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। किसानों को केवल अपने खेत की सही पहचान बताकर उसे चिन्हांकित कराने में सहयोग करना है। प्रशासन का प्रयास है कि 31 अक्टूबर तक शेष किसानों का धान पंजीयन पूरा कराया जा सके।

मुंगेली जिले में 72,080 धान खसरों में से 6,336 का पॉलीगॉन जनरेशन

24 अक्टूबर 2026 की उपलब्ध विभागीय प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले की छह तहसीलों में कुल 72,080 धान खसरे दर्ज हैं। इनमें से 6,336 खसरों का पॉलीगॉन जनरेशन किया जा चुका है, जबकि 65,744 खसरे शेष हैं। रिपोर्ट में कुल प्रगति 8.79 प्रतिशत दर्ज है।

तहसीलवार स्थिति इस प्रकार है:

तहसील| कुल धान खसरे| पॉलीगॉन जनरेट| शेष खसरे| प्रगति
मुंगेली| 19,707| 155| 19,552| 0.79%
जरहागांव| 7,198| 318| 6,880| 4.42%
लोरमी| 18,912| 433| 18,479| 2.29%
लालपुर थाना| 9,001| 820| 8,181| 9.11%
पथरिया| 11,168| 576| 10,592| 5.16%
सरगांव| 6,094| 4,034| 2,060| 66.20%
कुल| 72,080| 6,336| 65,744| 8.79%

आंकड़ों के अनुसार, सरगांव तहसील में पॉलीगॉन जनरेशन का काम सबसे अधिक 66.20 प्रतिशत पूरा हुआ है। वहीं, मुंगेली तहसील में 0.79 प्रतिशत और लोरमी में 2.29 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। जिले में कुल प्रगति 8.79 प्रतिशत होने के कारण शेष कार्य को समयसीमा में पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।

किसानों को बार-बार पंजीयन कराने की जरूरत नहीं

एसडीएम माया नंद चंद्रा ने बताया कि जिन किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीयन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे धान बेचने के लिए सक्षम हैं। जिन किसानों का नक्शा-अंकन या बंटांकन बाकी है, उनके लिए पॉलीगॉन जनरेशन के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि किसानों को अपने खेत की सही पहचान बताकर उसे चिन्हांकित कराना है। इससे किसान का पंजीयन पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार किसान का पंजीयन पूरा हो जाने के बाद सामान्यतः हर बार नए सिरे से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, संबंधित किसान को अपनी जानकारी और पंजीयन की स्थिति की पुष्टि विभागीय व्यवस्था के अनुसार कर लेनी चाहिए।

कोटवार और सर्वेयर से संपर्क करें किसान

एसडीएम ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जिन किसानों के खेतों का नक्शा-अंकन, बंटांकन या पॉलीगॉन जनरेशन नहीं हुआ है, वे अपने गांव के कोटवार और नियुक्त सर्वेयर से संपर्क करें। सर्वेयर को खेत की वास्तविक स्थिति बताकर चिन्हांकन की प्रक्रिया में सहयोग दें।

उन्होंने बताया कि जिन किसानों के खेतों का चिन्हांकन बाकी है, उनके लिए घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। मौके पर जाकर खेत की पहचान और उपलब्ध अभिलेखों का मिलान करने से पंजीयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

31 अक्टूबर तक पंजीयन पूरा कराने का लक्ष्य

प्रशासन ने शेष किसानों का पंजीयन 31 अक्टूबर तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सर्वेयरों, कोटवारों और किसानों के बीच समन्वय जरूरी है। एसडीएम ने सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सर्वेक्षण दल को सहयोग दें, ताकि कोई पात्र किसान केवल नक्शा-अंकन या बंटांकन की प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण पंजीयन से वंचित न रह जाए।

धान खरीदी से पहले खेतों का सही चिन्हांकन, रिकॉर्ड का सत्यापन और किसान पंजीयन पूरा होना महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेत से संबंधित दस्तावेजों और जानकारी के साथ संबंधित सर्वेयर से संपर्क कर प्रक्रिया समय पर पूरी कराएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed