October 19, 2026

वादाखिलाफी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: छत्तीसगढ़ के बिजली कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल, 17 अगस्त से ‘ब्लैकआउट’ की चेतावनी

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बिलासपुर/रायपुर।/मुंगेली
छत्तीसगढ़ के बिजली कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और पावर कंपनी की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रबंधन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


महासंघ के बिलासपुर क्षेत्र के सचिव रवि कांत सिंह ठाकुर ने बताया कि राज्य शासन की पूर्व में मिली सैद्धांतिक सहमति के बावजूद आज तक विद्युत कर्मचारियों को पुरानी पेंशन (OPS) के लाभ से वंचित रखा गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।


ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
पुरानी पेंशन योजना (OPS): बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए।
नियमितीकरण: लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
नई भर्ती: विभाग में खाली पड़े तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नई भर्ती की जाए।
पदोन्नति: लंबित पदोन्नति (प्रमोशन) के आदेश तुरंत जारी किए जाएं।
भत्ते: तकनीकी और कंप्यूटर भत्ते का भुगतान किया जाए।
वेज रिवीजन: वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए तत्काल ‘वेज रिवीजन कमेटी’ का गठन हो।
ठेका श्रमिक कल्याण: ठेका श्रमिकों को सीधे पावर कंपनी के माध्यम से भुगतान किया जाए और नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता दी जाए।
तीन चरणों में होगा उग्र आंदोलन (शेड्यूल)
कर्मचारी संघ ने अपनी जायज मांगों को लेकर तीन चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है, जो इस प्रकार है:
चरणअवधि/तारीखआंदोलन का स्वरूप


प्रथम चरण1 जून से 30 जूनपूरे प्रदेश में सघन हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट करना।

द्वितीय चरण1 जुलाई से 9 जुलाईसभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन।
1 जुलाई को बिलासपुर तिफरा मुख्यालय में आम सभा और प्रदर्शन के साथ शुरुआत होगी।

तृतीय चरण10 जुलाई रायपुर (डगनिया) मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय महा-धरना और प्रदर्शन।


चेतावनी: यदि 10 जुलाई के महा-धरने के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन ‘काम बंद हड़ताल’ शुरू कर दी जाएगी। कर्मचारियों ने साफ किया है कि इस हड़ताल से यदि पूरे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था ठप होती है या ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और शासन की होगी।
जनसंपर्क और हस्ताक्षर अभियान तेज
आंदोलन के इसी क्रम में आज बिलासपुर क्षेत्र के अंतर्गत मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा और पेंड्रा रोड मरवाही में सघन हस्ताक्षर और जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान में स्थानीय बिजली कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संगठन के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।

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