October 18, 2026

मुहर्रम में शेर बनने, बाजा-धुमाल एवं हुड़दंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष से की मुलाकात

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राजनांदगांव। मुहर्रम के दौरान शेर बनने की प्रथा, बाजा-धुमाल एवं इससे उत्पन्न होने वाली अव्यवस्थाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जनाब सलीम राज साहब से सौजन्य मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष महोदय को अवगत कराया कि राजनांदगांव में पिछले कई वर्षों से मुहर्रम के दौरान कुछ लोग शेर बनकर विभिन्न धार्मिक स्थलों एवं दरगाहों पर जाते हैं। इस दौरान बाजा-धुमाल, हुड़दंग, हथियारों का प्रदर्शन तथा अन्य अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आती हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

ज्ञापन पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष जनाब सलीम राज साहब ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुहर्रम के दौरान शेर बनने, बाजा-धुमाल एवं किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देशित करने की बात कही तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया।

जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी की ओर से ताहिर जोया, मोहम्मद आशिफ गोरी, ओवैस सोलंकी, मकसूद आलम एवं ओवैस मेमन ने इस विषय पर सकारात्मक पहल करने के लिए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष जनाब सलीम राज साहब का आभार व्यक्त किया।

कमेटी ने इस अवसर पर जामा मस्जिद के मुतवल्ली जनाब रईस अहमद शकील साहब का भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिन्होंने इस जनहित एवं समाजहित के मुद्दे को संबंधित मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से मुहर्रम के दौरान शहर में अमन, शांति, धार्मिक मर्यादा एवं सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।


जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)

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