October 19, 2026

अवैध निर्माणों पर घमासान के बीच सामने आया ‘रिवर व्यू मुंगेली’ का मास्टर प्लान, अगर नदी किनारे फोरलेन सड़क और चौपाटी से बदल सकती है शहर की तस्वीर

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मुंगेली। नगर पालिका क्षेत्र में कथित अवैध निर्माणों को लेकर उठे विवाद के बीच अब मुंगेली शहर के भविष्य से जुड़ा एक महत्वाकांक्षी विकास मॉडल चर्चा का केंद्र बन गया है। एक ओर जनदर्शन में शहर के विभिन्न हिस्सों में बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों की शिकायत कलेक्टर से की गई है, वहीं दूसरी ओर अगर नदी के दोनों किनारों पर फोरलेन रिवर व्यू सड़क, चौपाटी, पार्किंग, एनीकेट, बोटिंग और सौंदर्यीकरण जैसे प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी सामने आने के बाद शहर के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जागी हैं।

मिली जानकारी के अनुसार कबीर वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद अजय साहू ने जनदर्शन में टोकन क्रमांक 16355 के तहत कलेक्टर मुंगेली को लिखित आवेदन सौंपकर नगर पालिका क्षेत्र में संचालित अवैध निर्माणों की जांच की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका परिषद क्षेत्र के कई वार्डों में बिना अनुमति, बिना नक्शा स्वीकृति और बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के निर्माण कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है।

इन निर्माण कार्यों पर उठाए गए सवाल

शिकायत में लोरमी चौक के पास क्रिश्चियन कब्रिस्तान के सामने शासकीय आबादी भूमि पर हो रहे निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 18 में कुछ निजी निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे सैकड़ों निर्माण कार्य संचालित हैं, जिनकी वैधता की जांच आवश्यक है।

शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान छोटे दुकानदारों और आम नागरिकों के अतिक्रमण हटाए जाने के बीच बड़े और प्रभावशाली लोगों के निर्माण कार्यों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन आम लोगों पर सख्ती दिखा रहा है जबकि रसूखदारों के निर्माणों पर नरमी बरती जा रही है।

विकास की नई सोच : ‘रिवर व्यू मुंगेली’

इसी बीच शहर के विकास को लेकर एक व्यापक मास्टर प्लान की चर्चा भी तेज हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत द्वारा जीआरएमजी योजना के तहत अगर नदी की सफाई, गहरीकरण, समतलीकरण, रिटर्निंग वॉल, पिचिंग एवं नए एनीकेट निर्माण की दिशा में कार्य प्रस्तावित हैं।

वहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बिलासपुर के रिवर व्यू मॉडल की तर्ज पर मुंगेली में भी अगर नदी के दोनों किनारों पर फोरलेन रिवर व्यू सड़क विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सड़क लोरमी बायपास पुल से शुरू होकर पड़ाव चौक, बालानी चौक, चौपाटी क्षेत्र होते हुए नए प्रस्तावित पुल के माध्यम से नदी के दूसरी ओर जुड़ेगी। इसके बाद यह मार्ग पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, दौऊपारा बड़े पुल और रामगढ़ जिला अस्पताल तक विस्तारित किया जा सकता है।

50 वर्षों की ट्रैफिक समस्या का समाधान बनने की उम्मीद

विशेषज्ञों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि यदि यह परियोजना साकार होती है तो आने वाले 40 से 50 वर्षों तक मुंगेली शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। शहर के मुख्य मार्गों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ नागरिकों को वैकल्पिक और सुगम आवागमन मार्ग उपलब्ध होगा।

रिवर व्यू सड़क के दोनों ओर पर्याप्त पार्किंग, स्ट्रीट वेंडर जोन, चौपाटी, ओपन स्पेस और मनोरंजन सुविधाओं का विकास होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बोटिंग, आकर्षक लाइटिंग, गार्डन और सौंदर्यीकरण कार्यों से मुंगेली एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकता है।

नदी को प्रदूषण से बचाने की तैयारी

प्रस्तावित योजना में नदी संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका और नगरीय प्रशासन द्वारा रिवर व्यू सड़कों के ऊपरी हिस्से में मुख्य सीवरेज लाइन और फिल्टर युक्त नालियों के निर्माण का सुझाव दिया गया है। इससे शहर का दूषित पानी सीधे शिवनाथ नदी में नहीं पहुंचेगा और नदी का जल स्तर तथा स्वच्छता दोनों सुरक्षित रहेंगे।

डीपीआर तैयार होने की चर्चा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में प्रथम चरण में लोरमी बायपास पुल से पड़ाव चौक तक फोरलेन रिवर व्यू सड़क, रिटर्निंग वॉल और पिचिंग निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराई गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है, लेकिन विकास कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर प्रयास किए जाने की चर्चा शहर में जोरों पर है।

अवैध निर्माण हटें, नियोजित विकास को मिले बढ़ावा

शहर के नागरिकों का मानना है कि यदि एक ओर अवैध निर्माणों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो और दूसरी ओर दीर्घकालिक विकास योजनाओं को प्राथमिकता मिले, तो मुंगेली आने वाले वर्षों में प्रदेश के सबसे सुंदर और सुव्यवस्थित शहरों में शामिल हो सकता है। इसके लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।

अब शहरवासियों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। एक तरफ अवैध निर्माणों की जांच और कार्रवाई की मांग है, तो दूसरी तरफ अगर नदी किनारे प्रस्तावित ‘रिवर व्यू मुंगेली’ मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने की उम्मीद भी लोगों के मन में आकार लेने लगी है। यदि यह सपना साकार होता है, तो मुंगेली की पहचान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आधुनिक, स्वच्छ और सुनियोजित शहर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

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