October 20, 2026

जबलपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया विकास परियोजनाओं का निरीक्षण

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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और आईएसबीटी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास पर दिया जोर

जबलपुर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान जबलपुर शहर में संचालित विभिन्न नगरीय विकास परियोजनाओं, स्वच्छता व्यवस्थाओं और अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने शहर में चल रही प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं का जायजा लेते हुए कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कथौंडा स्थित 32 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी), वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, वेस्ट-टू-वंडर पार्क सहित अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण तथा आधुनिक शहरी विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत किया वृक्षारोपण

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहरों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

70 एमएलडी से अधिक सीवेज जल का हो रहा उपचार

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान जानकारी दी कि कथौंडा, ललपुर एवं तेवर स्थित एसटीपी संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन 70 एमएलडी से अधिक सीवेज जल का उपचार किया जा रहा है। अमृत योजना 1.0 के तहत विकसित इन परियोजनाओं के माध्यम से पहले नदियों में सीधे प्रवाहित होने वाले गंदे पानी को अब सीवर नेटवर्क के जरिए उपचार संयंत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे नदी प्रदूषण में कमी आई है और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है।

बताया गया कि वर्तमान में शहर के 90 हजार से अधिक घरों को सीवर लाइन नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। मंत्री श्री साहू ने उपचारित जल के पुनः उपयोग, ड्राय स्लज के खाद के रूप में उपयोग तथा हरित क्षेत्रों के विकास की पहल की सराहना की।

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में कचरे से बन रही बिजली

केंद्रीय मंत्री ने जबलपुर के अत्याधुनिक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 600 टीपीडी कचरे का प्रोसेसिंग कर लगभग 11.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। लगभग 178 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर विकसित इस परियोजना के माध्यम से पुराने डम्पसाइट के करीब 3 लाख मीट्रिक टन कचरे का सफल निस्तारण किया गया है।

उन्होंने आईएसबीटी परिसर में विकसित “कबाड़ से कमाल” थीम आधारित वेस्ट-टू-वंडर पार्क और आरआरआर सेंटर का अवलोकन कर 3R — Reduce, Reuse और Recycle — आधारित नवाचारों की सराहना की।

विभागीय समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

निरीक्षण के बाद जबलपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0, अमृत 2.0, स्मार्ट सिटी मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, तालाब पुनर्जीवन, हरित क्षेत्र विकास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि जबलपुर ने स्वच्छता और नगरीय विकास के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है तथा इसे और अधिक आधुनिक एवं नागरिक सुविधाओं से समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

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