सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना आदेश रखा बरकरार
देशभर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खौफ और लगातार सामने आ रहे हमलों के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने आम जनता को राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश पहले की तरह ही जारी रहेगा। अदालत के इस कड़े और स्पष्ट रुख से उन लाखों लोगों को एक बड़ी राहत मिली है, जो आए दिन सड़कों, पार्कों और कॉलोनियों में इन कुत्तों के आतंक के साए में बाहर निकलने को मजबूर थे।
पब्लिक हेल्थ और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए इसे सीधे तौर पर ‘पब्लिक हेल्थ’ (सार्वजनिक स्वास्थ्य) और नागरिकों की सुरक्षा का बेहद गंभीर मुद्दा करार दिया है। अदालत ने अपने फैसले को पढ़ते हुए यह संदेश साफ कर दिया है कि सड़कों पर बेखौफ घूम रहे आवारा कुत्तों के कारण आम लोगों के स्वास्थ्य और जान-माल को जो सीधा खतरा पैदा हो रहा है, उसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है और उससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड की SOP पर मुहर, याचिकाएं खारिज
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड (पशु कल्याण बोर्ड) द्वारा जारी की गई ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) को सही ठहराते हुए उस पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। अदालत ने बोर्ड की इस गाइडलाइन और एसओपी के खिलाफ दायर की गई सभी अर्जियों को सिरे से खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां बिना किसी कानूनी अड़चन या दबाव के, सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने की अपनी कार्रवाई को जारी रख सकेंगी।

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