October 18, 2026

कड़ाके की ठंड में नगर पालिका की लापरवाही उजागर शहरभर में अलाव नदारद, आमजन ठिठुरने को मजबूर

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मुंगेली । शीतलहर ने जिले में पूरी तरह पांव पसार लिए हैं। सुबह–शाम हाड़ कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है। दिसंबर का आधा महीना बीतने के बाद भी शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का अभाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।

शहर के नया बस स्टैंड, जिला अस्पताल परिसर, सब्जी मंडी, पड़ाव चौक, दाऊपारा चौक, गोलबाजार, बड़े बाजार, पुराना बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। हर वर्ष नगर पालिका द्वारा दिसंबर की शुरुआत में ही लकड़ी की आपूर्ति कर इन स्थानों पर अलाव जलाए जाते थे, ताकि राहगीर, रिक्शा चालक, मजदूर, फल–सब्जी विक्रेता, बुजुर्ग और रात में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी ठंड से राहत पा सकें। किंतु इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। आम नागरिकों के अनुसार, नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण पूरे शहर में एक भी स्थान पर अलाव की व्यवस्था प्रारंभ नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां जरूरत सबसे अधिक है, वहीं व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। नगरवासियों ने बताया कि अलाव जलाने की जिम्मेदारी हर साल नगर पालिका निभाती थी, जिससे ठंड के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती थी। किंतु इस वर्ष न तो लकड़ियाँ पहुंचाई गई हैं और न ही किसी चौक–चौराहे पर अलाव प्रज्वलित किया गया है।

विडंबना यह है कि पूरे शहर में अलाव नदारद हैं, जबकि मात्र नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास ही अलाव जलता हुआ दिखाई दिया। जिसको लेकर नागरिकों में  आक्रोश दिखा , लोगों का कहना है कि जब अधिकारी अपने कार्यालय के बाहर गर्मी लेने के लिए अलाव जला सकते हैं, तो आम जनता को यह सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है? इस दोहरे मापदंड पर शहरवासियों ने गंभीर आपत्ति जताई है।

ठंड के बढ़ते प्रकोप और प्रशासनिक उदासीनता के बीच आमजन स्वयं को असहाय महसूस कर रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद तत्काल प्रभाव से पूरे शहर में प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई में और देरी हुई, तो ठंड के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा कमजोर तबके के लोगों के लिए यह खतरा बढ़ जाएगा।

शहरवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जागरूकता और जिम्मेदारी दिखाते हुए शीघ्र अलाव व्यवस्था शुरू करेगा, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

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