October 19, 2026

राजपुर में अतिरिक्त प्रभार का खेल, प्रशासनिक पारदर्शिता पर उठे सवाल

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राजपुर । राजस्व अनुभाग राजपुर में “अतिरिक्त प्रभार” का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते 10 अक्टूबर को एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान द्वारा जारी किए गए नए पदस्थापना आदेशों ने न केवल कर्मचारियों में हलचल मचा दी है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, राजपुर तहसील और उपतहसील बारियों के तहत करीब 30 हल्का राजस्व अभिलेख संचालित हैं। किंतु लंबे समय से प्रशासनिक कमी या मनमानी के चलते कई पटवारियों को एक से अधिक हल्कों का जिम्मा दिया जा रहा है। नए आदेशों में पास के हल्कों की जगह 15 से 35 किलोमीटर दूर के हल्कों का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है, जिससे क्षेत्रीय कार्यकुशलता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

विजय गुप्ता के पास तीन हल्का और आरआई का चार्ज

पटवारी विजय गुप्ता (गोपालपुर-मुरका) को नवीन आदेश में परती बाड़ी और चलगली हल्का का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दोनों हल्कों की दूरी आपस में 35 से 40 किलोमीटर बताई जाती है। गुप्ता के पास पहले से ही एक अतिरिक्त हल्का और राजपुर राजस्व निरीक्षक (आरआई) का चार्ज है। यानी अब वे तीन हल्का और एक आरआई की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे हैं।

निलंबित पटवारियों की वापसी पर भी सवाल

पूर्व में चर्चित भेस्की प्रकरण में निलंबित पटवारी राहुल सिंह को इस आदेश में लाऊ हल्का के साथ पतरापारा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दोनों हल्कों की दूरी लगभग 15 किलोमीटर बताई जा रही है।
इसी तरह निलंबित पटवारी रजाउल हसन और अमित बड़ा के बीच मैचुल ट्रांसफर किया गया है — अब अमित बड़ा राजपुर हल्का संभालेंगे, जबकि रजाउल हसन को झींगों हल्का का दायित्व दिया गया है।

नो वर्क नो पे में चल रहीं भावना सिन्हा को भी प्रभार

लंबे समय से नो वर्क नो पे में चल रहीं भावना सिन्हा को बारियों उपतहसील अंतर्गत अमडीपारा हल्का का दायित्व सौंपा गया है। इस निर्णय ने भी कई कर्मचारियों के बीच सवाल खड़े किए हैं।

नागरिक सुविधा पर पड़ेगा असर

राज्य शासन ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए छोटे-छोटे हल्कों का गठन किया था ताकि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके। परंतु वर्तमान पदस्थापना व्यवस्था उस मंशा के विपरीत दिख रही है।
लंबी दूरी वाले हल्कों के अतिरिक्त प्रभार से अब ग्रामीणों को अपने राजस्व कार्यों के लिए दूर-दराज तक भटकना पड़ सकता है।

एसडीएम का पक्ष

इस संबंध में एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान का कहना है —  “किस पटवारी को कौन सा हल्का देना है, यह प्रशासनिक विवेक का विषय है। अभी पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। यदि अतिरिक्त प्रभार से किसी प्रकार की शिकायत आती है, तो परिवर्तन किया जाएगा।”

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