October 19, 2026

एम्स रायपुर में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ का छठा दिन: स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रमों से गूंजा परिसर

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महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में अपने छठे दिन स्वास्थ्य शिविरों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के साथ एक बार फिर प्रभाव छोड़ा। 17 सितम्बर से शुरू हुआ यह राष्ट्रव्यापी अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा और मातृ, शिशु तथा पारिवारिक स्वास्थ्य को नई दिशा देने का संकल्प लिए हुए है।

अभियान के छठे दिन एम्स रायपुर के बायोकैमिस्ट्री विभाग ने एसोसिएशन ऑफ बायोकैमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर सोसाइटी (ABCW) के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, धरसीवा ब्लॉक में गर्भावस्था एवं नवजात शिशु जांच पर विशेष शिविर आयोजित किया। इसमें 150 से अधिक प्रतिभागियों—मितानिनों, प्रशिक्षकों, स्वास्थ्य अधिकारियों, लैब तकनीशियनों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं—ने हिस्सा लिया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन और ग्लूकोज जांच की गई तथा उन्हें मातृ स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
कार्यक्रम में प्रो. (डा.) एली मोहापात्रा, डीन एवं विभागाध्यक्ष, बायोकैमिस्ट्री और अध्यक्ष ABCW, तथा डा. सुप्रवा पटेल, प्रोफेसर बायोकैमिस्ट्री एवं मानद महासचिव, ABCW ने उच्च रक्तचाप, एनीमिया, मधुमेह, जन्मजात हाइपोथायरायडिज़्म, जी6पीडी कमी और सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसी क्रम में बाल रोग विभाग, एम्स रायपुर ने स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूट्रिशन के सहयोग से बाल एवं मातृ स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर गर्भावस्था देखभाल, संस्थागत प्रसव, मातृ पोषण और गर्भधारण के बीच उचित अंतर (HTSP) जैसे अहम विषयों पर संदेश दिए। वहीं, स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के विद्यार्थियों ने मातृ पोषण और कैल्शियम अनुपूरण पर विषयगत प्रस्तुतियां दीं। इन सत्रों में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और गर्भावस्था देखभाल, शिशु पोषण तथा प्रसवोत्तर देखभाल से जुड़े प्रश्न पूछे।
17 सितम्बर को आरएचटीसी कुरूद से आरंभ हुआ यह अभियान अब एक व्यापक पहल का रूप ले चुका है, जो मातृ, शिशु और पारिवारिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों को शामिल कर रहा है। छठे दिन की गतिविधियों ने एक बार फिर यह संदेश दृढ़ किया कि — “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।”

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