फर्जी दस्तावेजों से मिली नौकरी, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी शशिकांत पर गिरी गाज
मुंगेली। जिले में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ शशिकांत साहू पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद अब शशिकांत साहू की सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साहू ने वर्ष 2015 की सीधी भर्ती प्रक्रिया में दृष्टिबाधित (निःशक्तजन) श्रेणी में आवेदन किया था, जबकि उनके पास उस समय बीएससी (कृषि/उद्यानिकी) की अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा दी और चयनित हो गए। दस्तावेज सत्यापन के दौरान उन्होंने जो बीएससी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, वह 10 अगस्त 2018 को जारी प्रोविजनल प्रमाण पत्र था — जो भर्ती की अंतिम तिथि 29 अगस्त 2015 के लगभग तीन वर्ष बाद का है।
जांच में यह तथ्य सामने आए कि साहू द्वारा नियुक्ति के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज न तो समयानुकूल थे और न ही वैध। जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यह चयन प्रक्रिया के साथ धोखाधड़ी है। इसी आधार पर संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, रायपुर द्वारा शशिकांत साहू को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें केवल 7 दिन का समय जवाब देने के लिए दिया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने या समयसीमा में न मिलने की स्थिति में सीधे सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया जाएगा।
इस पूरे मामले में हसदेव प्रवाह द्वारा पहले उजागर की गई खबर के बाद विभाग ने संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवा में फर्जीवाड़ा और दस्तावेजों की हेराफेरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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