October 19, 2026

मुंगेली पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन: अपराध अनुसंधान में साबित होगी ‘गेम चेंजर

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मुंगेली। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को भी लगभग ₹65 लाख की लागत से निर्मित, आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। यह वैन अपराध अनुसंधान एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


कार्यशाला एवं शुभारंभ
इस अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताओं और कार्यप्रणाली से पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को अवगत कराने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के समापन के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया गया।


प्रमुख विचार एवं उद्गार
कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े अतिथियों ने तकनीक के महत्व पर जोर दिया:
अरुण साव (डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़): “मुंगेली जिले को मिली यह ₹65 लाख की मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन अपराध अनुसंधान में तेजी लाने के साथ-साथ सटीक जांच सुनिश्चित करेगी।

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रामगोपाल गर्ग (आईजी, बिलासपुर रेंज): “मुझे पूर्ण विश्वास है कि मुंगेली पुलिस इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग कर आपराधिक मामलों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करेगी।”


भोजराम पटेल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक): “न्याय के लिए अमीर और गरीब की कोई अलग परिभाषा नहीं है। यह फॉरेंसिक वैन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सटीक जांच सुनिश्चित कर पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”


तकनीकी प्रशिक्षण: फॉरेंसिक विशेषज्ञ की भूमिका
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञ ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस कर्मियों को वैन के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:
साक्ष्य संकलन: घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को किस प्रकार एकत्रित किया जाए, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
सावधानियां: साक्ष्य एकत्रित करते समय तकनीकी सुरक्षा, गोपनीयता और वैधानिकता बनाए रखने संबंधी बारीकियां समझाई गईं।
आधुनिक उपकरण: वैन में उपलब्ध किट्स का उपयोग करके घटनास्थल पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति


इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, वैज्ञानिकी अधिकारी ज्योत्सना लकड़ा, बार काउंसिल अध्यक्ष राजमन सिंह, डीडीपी पुष्पा भगत एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा शामिल रहे।


उपस्थित अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे जिले में न्याय व्यवस्था और अपराध अनुसंधान के लिए एक “गेम चेंजर” कदम बताया।

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