October 19, 2026

पंचायत भवनों में लटकते ताले, योजनाएं कागजों तक सीमित — ग्रामीण परेशान

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मुंगेली। मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मुंगेली अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में सचिवों की लापरवाही के चलते पंचायत भवनों में नियमित रूप से ताले लटके नजर आ रहे हैं। विशेष रूप से ग्राम पंचायत बीजातराई में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जहां अधिकांश समय पंचायत कार्यालय बंद रहता है और ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है।

सप्ताह में एक दिन खुलता है पंचायत भवन

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव सप्ताह में मात्र एक दिन ही पंचायत भवन खोलते हैं और उसी दिन सीमित समय में कार्य निपटा दिया जाता है। बाकी दिनों में भवन बंद रहने से आम लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, योजनाओं की जानकारी एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

योजनाओं का लाभ लेने में असमंजस

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उदासीनता के कारण इनका लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जानकारी के अभाव में कई ग्रामीण योजनाओं से वंचित रह जा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है।

सौर जल टंकी खराब, नहीं हो रहा सुधार

ग्राम पंचायत के समीप स्थापित सौर ऊर्जा संचालित पानी टंकी पिछले लगभग दो महीनों से खराब पड़ी है और उसमें लगातार लीकेज की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने कई बार सचिव एवं जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, लेकिन हर बार फंड की कमी का हवाला देकर सुधार कार्य टाल दिया जा रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, व्यवस्था पर उठे सवाल

पंचायत भवन बंद रहने और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान होना चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

अधिकारियों की निगरानी पर सवाल

जानकारी के अनुसार पंचायतीराज व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी सचिवों के साथ-साथ जनपद पंचायत के अधिकारियों की भी होती है। बावजूद इसके कई पंचायतों में लापरवाही सामने आ रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

कई पंचायतों में एक जैसी स्थिति

मिली जानकारी के अनुसार नागोपहरी, मौहार, केशलीकला, जल्ली, दुल्लापुर, तरवरपुर, हरियरपुर, दामापुर, छटन, शुक्लाभांठा (विचारपुर), सिपाही, सेमरकोना, भीमपुरी, लछनपुर, कारेसरा सहित कई ग्राम पंचायतों में भी यही स्थिति बनी हुई है, जहां पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सचिवों की लापरवाही पर अंकुश लगाया जाए, पंचायत भवन नियमित रूप से खोले जाएं और शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाया जाए।

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