October 19, 2026

महादेव की भक्ति में 151 किमी की कांवड़ पदयात्रा: 10 अगस्त से विधायक भावना बोहरा करेंगी अमरकंटक से भोरमदेव तक पदयात्रा

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०मूल धर्म में वापसी करने वाले 15 बैगा आदिवासी भी कांवड़ पदयात्रा में होंगे शामिल*

कवर्धा। सावन मास की पवित्रता और भगवान भोलेनाथ की आराधना को समर्पित करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा की शुरुआत करेंगी। सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त 2026 को प्रात: 7 बजे मां नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात यह आध्यात्मिक यात्रा प्रारंभ होगी, जो 16 अगस्त 2026 को कवर्धा स्थित पावन भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। विधायक भावना बोहरा द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस कांवड़ पदयात्रा का संकल्प लिया गया है। गत वर्ष भी उन्होंने मां नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव महादेव मंदिर तक छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए कांवड़ पदयात्रा की थी। इस वर्ष यह कांवड़ यात्रा और भी भव्य एवं विशेष होगी। विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से अपने मूल धर्म में घर वापसी करने वाले वनांचल क्षेत्र में निवासरत 15 बैगा आदिवासी भी इस यात्रा में बोल बम और हर हर महादेव के नारे के साथ कदम से कदम मिलाकर कांवड़ यात्रा करेंगे।
पर्वतों, बीहड़ रास्तों, उफनती नदियों और राह में आने वाले हर संकट को पार करते हुए श्रद्धा, तपस्या और संकल्प से जुड़ी यह यात्रा पूर्ण हुई थी जिसमें क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं का व्यापक आशीर्वाद और सहयोग प्राप्त हुआ। इस वर्ष भी इस यात्रा में विधायक भावना बोहरा के साथ लगभग 300 से अधिक कांवड़ यात्री यात्रा में सहभागिता करेंगे। इसके साथ ही विगत पांच वर्षों से विधायक भावना बोहरा द्वारा कबीरधाम जिले से अमरकंटक में जलाभिषेक करने हेतु जाने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए 30 जुलाई से 24 अगस्त तक नि:शुल्क भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था की गई है जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है और उनकी सेवा की जा रही है।
इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि, भगवान भोलेनाथ एवं मां नर्मदा की कृपा से मुझे लगातार दूसरे वर्ष अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह यात्रा महादेव के चरणों में समर्पित एक आध्यात्मिक साधना है। मैं भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रत्येक परिवार के सुख, शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करूंगी। गत वर्ष की यात्रा के दौरान मिले श्रद्धालुओं के स्नेह, आशीर्वाद और उत्साह ने इस संकल्प को और अधिक मजबूत किया है। इस वर्ष भी मैं समस्त श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों एवं क्षेत्रवासियों से यात्रा में सहभागिता, सहयोग और आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह करती हूँ और इस पावन यात्रा में सहभागी बनने हेतु सादर आमंत्रित करती हूँ।
उन्होंने कहा कि सावन का यह पावन अवसर हमें अपनी संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता से जुडऩे की प्रेरणा देता है। सनातन संस्कृति में सावन मास को भगवान शिव की आराधना, तप, त्याग और आस्था का पावन पर्व माना गया है। कांवड़ यात्रा इसी धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। कबीरधाम जिले से भी प्रतिवर्ष हजारों कांवड़ यात्री ‘बोल बमÓ के जयघोष के साथ मां नर्मदा का जल लेकर भोरमदेव महादेव का जलाभिषेक करते हैं, उनकी इसी भक्ति भावना से प्रेरणा लेकर मैनें भी कांवड़ यात्रा का संकल्प किया और इस संकल्प में हर किसी का साथ हमें प्राप्त हुआ है जिसने यात्रा को नई उर्जा और हमें आत्मविश्वास दिया है। आइए, हम सभी मिलकर भगवान भोलेनाथ के चरणों में प्रदेश की उन्नति, समाज के कल्याण और प्रत्येक परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

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