घरेलू रसोइया निकला मास्टरमाइंड, 12 घंटे के भीतर 70 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, नागपुर से दो आरोपी गिरफ्तार, संपूर्ण मशरूका बरामद
रायपुर
पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) दीपमाला कश्यप के सतत मॉनिटरिंग में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना पंडरी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही।
आरोपी महेन्द्र कुमार यादव प्रार्थी के घर में था घरेलू रसोईया।
आरोपी द्वारा अपने अन्य साथी के साथ मिलकर बनायी गयी थी चोरी की योजना।
घटना को अंजाम देने के पश्चात् दोनों रेल मार्ग से हो रहे थे फरार।
आर.पी.एफ. नागपुर की टीम से समन्वय स्थापित कर दोनों आरोपियों को नागपुर रेलवे स्टेशन से किया गया गिरफ्तार।
आरोपियों के कब्जे से चोरी की संपूर्ण मशरूका कीमती लगभग 70,00,000/- रुपये किया गया जप्त।
घटना में प्रयुक्त 02 नग मोबाईल फोन भी किया गया है जप्त।
आरोपियों के विरूद्ध थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 212/26 धारा 303(2) बीएनएस का अपराध है पंजीबद्ध।
विवरण
प्रार्थी पंकज अग्रवाल ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अशोका आईकन मोवा रायपुर में रहता है। दिनांक 26.07.2026 को वह अपने परिवार के साथ निजी कार्य से नया रायपुर गए हुए थे। घर पर केवल उनका रसोइया महेन्द्र कुमार यादव, निवासी कटोरिया, जिला बांका (बिहार) मौजूद था, जिसे दिनांक 14.07.2026 से कार्य पर रखा गया था तथा वह पूर्व में भी उनके यहां कार्य कर चुका था। शाम लगभग 07:00 बजे परिवार सहित घर लौटने पर मुख्य द्वार बंद एवं घर की लाइट बंद मिली। पीछे का गेट खुला होने से अंदर प्रवेश कर देखा तो बेडरूम एवं अलमारी के दरवाजे खुले हुए थे। जांच करने पर अलमारी में रखी लाखों रुपये की नगदी, लॉकर में रखे सोने के जेवरात, गिन्नी, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव एवं कार्यालय संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब मिले। प्रार्थी को संदेह है कि उसके रसोइया महेन्द्र कुमार यादव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त सामान की चोरी की है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 212/26 धारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
घटना को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) दीपमाला कश्यप द्वारा गंभीरता से लेते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आरोपी की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना पंडरी पुलिस की संयुक्त विशेष टीम गठित कर मामले की विवेचना प्रारंभ की गई। टीम द्वारा प्रार्थी एवं उसके परिजनों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुए महेन्द्र कुमार यादव के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई। साथ ही घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर आवश्यक भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए।
विवेचना के दौरान टीम द्वारा घटनास्थल एवं उसके आसपास स्थापित सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। फुटेज में आरोपी महेन्द्र कुमार यादव अपने कब्जे में एक बैग लेकर घर से निकलते हुए दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद था। फुटेज एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि घरेलू रसोइया महेन्द्र कुमार यादव ने अपने साथी के साथ मिलकर सुनियोजित ढंग से चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी महेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि उसने अपने साथी पिंटू यादव, जो आमासिवनी विधानसभा क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है, के साथ मिलकर पूर्व नियोजित योजना के तहत चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना वाले दिन प्रार्थी के परिवार के घर से बाहर जाने की जानकारी होने का लाभ उठाते हुए दोनों ने मकान के अलमारी में रखी नगदी, सोने-चांदी के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी पिंटू यादव द्वारा लायी गई मोटरसाइकिल से घटनास्थल से निकले तथा घड़ी चौक पहुंचे, जहां मोटरसाइकिल को पार्किंग में खड़ी कर दी। इसके बाद दोनों किराये के वाहन से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्वयं को पुलिस की नजरों से बचाने के उद्देश्य से समता एक्सप्रेस में सवार होकर नागपुर की ओर फरार हो गए।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी की संपूर्ण मशरूका 51,50,000/- रुपये नगद रकम, सोने के जेवरात, गिन्नी, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव एवं अन्य दस्तावेज कीमती जुमला लगभग 70,00,000/- रुपये तथा घटना में प्रयुक्त 02 नग मोबाईल फोन जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया।
इसके पश्चात पुलिस टीम ने आरोपियों के फरार होने की संभावित दिशा एवं मार्ग का तकनीकी विश्लेषण किया। आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए प्रत्येक मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का क्रमबद्ध परीक्षण किया गया। लगातार फुटेजों का विश्लेषण करने पर यह तथ्य सामने आया कि दोनों आरोपी शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने पर दोनों आरोपियों को समता एक्सप्रेस में सवार होकर नागपुर की ओर फरार होते हुए देखा गया।
आरोपियों एवं उनके यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस टीम ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (आर.पी.एफ.) से समन्वय स्थापित किया तथा आरोपियों के हुलिए, फोटो एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। त्वरित समन्वय एवं तकनीकी सूचना के आधार पर आर.पी.एफ. नागपुर की सहायता से दोनों आरोपियों को नागपुर रेलवे स्टेशन में घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
महेन्द्र यादव पिता संतलाल यादव, उम्र 22 साल, निवासी आसना तरी दुर्गा मंदिर के पास, थाना ओडनीडेम, जिला बांका (बिहार)। हाल पता – प्रार्थी का मकान, अशोका आईकन मोवा, रायपुर।
पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव पिता बिलास सिंह यादव, उम्र 25 साल, निवासी ग्राम आसना तरी दुर्गा मंदिर के पास, थाना ओडनीडेम, जिला बांका (बिहार)। हाल पता – आमासिवनी, थाना विधानसभा, रायपुर।



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