October 19, 2026

बिहार बंद के दौरान कई जिलों में हिंसा, पथराव और लाठीचार्ज; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समर्थकों ने मनाया जश्न

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बिहार नीट-यूजी परीक्षा विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। राजधानी पटना समेत भागलपुर, औरंगाबाद, पूर्णिया, सीतामढ़ी, सारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और सीवान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव, लाठीचार्ज तथा आगजनी की घटनाएं सामने आईं। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर फैलते ही कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने विजय जुलूस निकालकर जश्न भी मनाया।

पटना में गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे के आसपास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच घंटों तनाव बना रहा। पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए। गांधी मैदान के समीप उपद्रवियों ने पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाने और यातायात पुलिस चौकी पर विस्फोटक फेंकने की भी घटना सामने आई।

बिहार बंद के दौरान पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना जंक्शन के पास प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भागलपुर के तिलकामांझी क्षेत्र, औरंगाबाद के रमेश चौक, पूर्णिया, सीतामढ़ी, सारण और सीवान में भी प्रदर्शन उग्र हो गया। कई स्थानों पर पुलिस वाहनों पर पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान और आगजनी की घटनाएं हुईं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई जगह लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।

समस्तीपुर के ताजपुर में आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकालकर मिठाइयां बांटी। प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष की जीत बताया। राजद और कांग्रेस नेताओं ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन और लोकतांत्रिक दबाव की सफलता करार देते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, प्रभावित छात्रों को न्याय, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग दोहराई।

बिहार बंद के कारण कई शहरों में यातायात प्रभावित रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए उपद्रव की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए

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