October 19, 2026

(मुंगेली) करंट से युवक की मौत के बाद फूटा गुस्सा, अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने के आरोप पर हाईवे जाम आई

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जिले के जरहागांव में करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व में लोगों ने जरहागांव बस स्टैंड पर नेशनल हाईवे को करीब आधे घंटे तक जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और उपचार में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई, अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की नियुक्ति तथा मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, नगर निवासी गोविंद साहू उर्फ गोलू करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें तत्काल जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय युवक को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही गोविंद साहू की मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने देर रात नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते और तत्काल उपचार मिलता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर यातायात बहाल कराया गया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। बीएमओ डॉ. कमलेश खैरवार से विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और उपचार में कथित लापरवाही के आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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