October 19, 2026

महासमुंद में चमकी हीरे की उम्मीद: बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक से मिले 5 हीरे, निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

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छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान पहली बार हीरों की पुष्टि हुई है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण के बाद कुल 5 हीरे मिले हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। इनमें दो जेम क्वालिटी के हीरे भी शामिल हैं। इस खोज को प्रदेश के लिए निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों का संकेत माना जा रहा है।
एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड के अनुसार, क्षेत्र में स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वे, ड्रिलिंग और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद 200 टन खनिज सामग्री का प्रसंस्करण किया गया। परीक्षण के दौरान मिले पांच हीरों ने इस क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं को मजबूत आधार दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और वैज्ञानिक अन्वेषण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के पारदर्शी दोहन, मूल्य संवर्धन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे खनिजों का प्रमुख उत्पादक राज्य है। अब हीरे की संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और मजबूत होगी तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती चरण में मिले ये हीरे भविष्य में बड़े पैमाने पर होने वाले विस्तृत अन्वेषण के लिए सकारात्मक संकेत हैं। इससे क्षेत्र की वास्तविक संसाधन क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा और खनिज आधारित निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। फिलहाल परीक्षण में प्राप्त सभी हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है। आगे की प्रक्रिया वैज्ञानिक मानकों और नियमानुसार पूरी की जाएगी।

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