October 19, 2026

ग्राम सैदा के ऋषभ श्रीवास का माइक्रोसॉफ्ट डेनमार्क में सीनियर एप्लाइड साइंटिस्ट के रूप में हुआ चयन, पूरे श्रीवास परिवार को गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि*

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बिलासपुरजिले के ग्राम सैदा निवासी श्रीवास परिवार के बेटे ऋषभ श्रीवास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए माइक्रोसॉफ्ट डेनमार्क में *सीनियर एप्लाइड साइंटिस्ट*  के पद पर अपनी सेवाएं देने का अवसर प्राप्त किया है। ऋषभ ने जर्मनी में कार्य करने के बाद अब इस वैश्विक टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनी में अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है।

*शिक्षा यात्रा*

ऋषभ की प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली  से कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। तकनीकी क्षेत्र में गहरी रुचि और मेहनत से उन्होंने डेटा साइंस में विशेषज्ञता हासिल की। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में कार्य अनुभव के बाद वे अब माइक्रोसॉफ्ट डेनमार्क में *सीनियर एप्लाइड साइंटिस्ट*  की भूमिका में योगदान देंगे।

*पारिवारिक पृष्ठभूमि*

ऋषभ का मूल निवास ग्राम सैदा, ब्लॉक तखतपुर, जिला बिलासपुर हैं। वर्तमान में उनका परिवार बिलासपुर शहर में रहता है। पिता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं तथा माता गृहिणी हैं। बड़ा भाई राहुल श्रीवास मुंगेली जिले में खाद्य निरीक्षक पद पर पदस्थ हैं। पूरा श्रीवास परिवार शिक्षा के क्षेत्र से गहराई से जुड़ा रहा है –

· दादा स्व. मंगल श्रीवास प्रधान पाठक (सेवानिवृत्त)
· सबसे बड़े पिता जी संतोष श्रीवास कृषि विभाग से सेवानिवृत्त
· मंझले बड़े पिता जी राजेंद्र श्रीवास प्रधान पाठक (सेवानिवृत्त, अमसेना)
· बड़ी मम्मी अनीता श्रीवास प्रधान पाठक (मुरू)
· चाचा श्रीकांत श्रीवास शिक्षक एवं संकुल समन्वयक (सीपत)
· चाची चित्ररेखा श्रीवास सहायक प्रोफेसर

इस शिक्षाविद् परिवार में पली-बढ़ी शिक्षा की संस्कृति ने ऋषभ की इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

ऋषभ की इस उपलब्धि पर परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों व ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है। विशेष रूप से चचेरे भाई अंकित श्रीवास (उच्च न्यायालय अधिवक्ता) ने ऋषभ को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे क्षेत्र और समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा है।

ऋषभ श्रीवास ने कहा, “मेरे इस सफर में परिवार, खासकर माता और पिता और दादाजी की शिक्षा-दीक्षा से जुड़ी प्रेरणा सबसे बड़ा आधार रही। मैं माइक्रोसॉफ्ट डेनमार्क में देश का नाम रोशन करने का हर संभव प्रयास करूंगा।”

ग्राम सैदा और बिलासपुर क्षेत्र के लिए यह गौरव का क्षण है।

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