डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 37 लाख की ठगी का पर्दाफाश
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रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिला समेत 5 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ साइबर पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए महिला सहित 5 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को टेलीकॉम अधिकारी, फर्जी आईपीएस और सीबीआई अफसर बनकर डराता था और मनी लॉन्ड्रिंग व गिरफ्तारी का भय दिखाकर लाखों रुपये ठगता था।
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🔴 क्या है पूरा मामला?
फरवरी 2026 में रायगढ़ के केसर परिसर निवासी सेवानिवृत्त विद्युत विभाग पर्यवेक्षक नरेन्द्र ठाकुर से करीब ₹36,97,117 की ठगी की गई थी।
पीड़ित को 14 जनवरी को एक महिला का कॉल आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी से जुड़ा बताया। इसके बाद कॉल को कथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया।
ठगों ने आरोप लगाया कि उनके आधार और मोबाइल नंबर का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में हुआ है और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” किया जा सकता है।
👉 डर और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में लगभग 37 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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🔍 जांच कैसे पहुंची आरोपियों तक?
साइबर पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया
करीब ₹4.50 लाख की राशि राजस्थान के भीलवाड़ा के खातों में ट्रेस हुई
इसके आधार पर विशेष टीम गठित कर भीलवाड़ा में दबिश दी गई
मुख्य आरोपी राहुल व्यास (बंधन बैंक कर्मचारी) को हिरासत में लिया गया
पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ
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👥 गिरोह का नेटवर्क और काम करने का तरीका
गिरोह संगठित तरीके से काम करता था
फर्जी पहचान बनाकर वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते थे
बैंक डिटेल, ओटीपी और रकम ट्रांसफर करवाते थे
ठगी की रकम का प्रतिशत में बंटवारा होता था
💰 कमाई का बंटवारा:
राहुल व्यास – 5%
आरती राजपूत – 5%
रविराज सिंह – 2%
गौरव व्यास – 4%
संजय मीणा – 2%
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💸 देशभर में 1.40 करोड़ से ज्यादा की ठगी
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने पूरे देश में ₹1,40,77,300 से अधिक की साइबर ठगी की है।
👉 एक आरोपी के खाते में ही ₹60 लाख का लेन-देन मिला
👉 सभी संदिग्ध बैंक खातों को सीज कर दिया गया है
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📱 बरामदगी
7 मोबाइल फोन
1 लैपटॉप
बैंक दस्तावेज और एटीएम जमा पर्चियां
व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग
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🚔 गिरफ्तार आरोपी
1. राहुल व्यास – भीलवाड़ा
2. रविराज सिंह
3. संजय मीणा
4. आरती राजपूत
5. गौरव व्यास
सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है।
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⚠️ एसएसपी का अलर्ट: ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट ठगी से
रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों को सावधान करते हुए कहा—
कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती
“डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
ओटीपी, बैंक डिटेल या पैसे किसी को न दें
तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
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🧠 निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब बेहद संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
👉 डर नहीं, सतर्कता ही बचाव है।

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