मुंगेली पुलिस का ‘पहल’ — बच्चों को दी कानून, साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा की सीख, 12 स्कूलों के 120 विद्यार्थी हुए लाभान्वित
मुंगेली । “बचपन में डाली गई सही आदतें, जीवनभर साथ देती हैं।” इसी सोच के साथ मुंगेली पुलिस ने सोमवार को ‘पहल’ अभियान के तहत जिले के 12 स्कूलों के 120 बच्चों को न केवल सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया, बल्कि उन्हें कानून, साइबर अपराध और आत्मरक्षा के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
सुबह की शुरुआत उत्साह के साथ
सुबह 10 बजे सभी बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में मुस्कुराते हुए सामुदायिक भवन पहुंचे। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद पुलिस टीम ने उन्हें थाने, कंट्रोल रूम, सायबर सेल, कलेक्टर कार्यालय और जिला न्यायालय का भ्रमण कराया। बच्चे पहली बार इन जगहों को नजदीक से देख रहे थे, कई तो जिज्ञासा से भरे सवाल पूछते रहे।
कानून से जुड़ी सीधी सीख
थाना सिटी कोतवाली प्रभारी ने बच्चों को बताया कि पुलिस किस तरह शिकायत दर्ज करती है, अपराध की जांच करती है और अपराधियों को न्यायालय तक पहुंचाती है। कंट्रोल रूम में बड़े-बड़े स्क्रीन पर सीसीटीवी फुटेज देखकर बच्चों ने जाना कि अपराध रोकने में तकनीक कितनी मददगार है।
सायबर अपराध से बचाव के टिप्स
सायबर सेल के अधिकारियों ने बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की बातें बताईं। उन्हें यह भी समझाया कि अजनबियों को निजी जानकारी देना कितना खतरनाक हो सकता है।
न्यायालय में मिला नया अनुभव
माननीय जिला न्यायालय में बच्चों ने अदालत की कार्यवाही देखी और समझा कि कानून कैसे लागू होता है। चालान पेश करने से लेकर सजा सुनाने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया।
पुलिस अधीक्षक का प्रेरणादायक संबोधन
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और नशा मुक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा—
“मोबाइल आपका साथी है, मालिक नहीं। उसका उपयोग सिर्फ पढ़ाई और सही जानकारी के लिए करें।”
उन्होंने बच्चों को अपने माता-पिता के साथ संवाद बढ़ाने और जीवन में लक्ष्य तय कर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
आत्मरक्षा की ताकत
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बाल मित्र रोशना डेविड ने बच्चियों को आत्मरक्षा के आसान लेकिन प्रभावी तरीके सिखाए। कुछ छात्राओं ने मंच पर आकर सीखे गए स्टेप्स का प्रदर्शन भी किया, जिसे देख सभी ने तालियां बजाईं।
12 स्कूल, एक साथ — एक उद्देश्य
इस कार्यक्रम में पीएम श्री सेजेस स्कूल, बी.आर. साव स्कूल, कन्या स्कूल, करही उच्च. माध्यमिक विद्यालय, आगर विद्यालय, रेम्बो मेमोरियल, कस्तुरबा हाईस्कूल, डॉ. भीमराव विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर पेण्डाराकापा, नगरपालिका विद्यालय, सेंट जेवियर्स और जेसिस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुए।
‘पहल’ अभियान से न केवल बच्चों की जानकारी बढ़ी, बल्कि उन्होंने महसूस किया कि कानून और पुलिस उनके दुश्मन नहीं बल्कि सुरक्षा के साथी हैं।

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