October 19, 2026

बिजली विभाग की घोर लापरवाही: नीचे लटके तार की चपेट में आने से किसान की दर्दनाक मौत

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सरगांव/मुंगेली । बिजली विभाग की लचर कार्यशैली और अनदेखी एक बार फिर एक मासूम की जान पर भारी पड़ गई। सरगांव के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बिदबिदा में ज़मीन के बेहद करीब झूल रहे 11 केवी हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से खेत गए 60 वर्षीय किसान मांघी लाल राजपूत की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूचना देने के एक घंटे बाद तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

खेत में काम करने गए थे किसान, 5 फीट पर झूल रहा था मौत का तार

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक किसान मांघी लाल राजपूत रोज़ की तरह अपने खेत में कृषि कार्य के लिए गए हुए थे। खेत के रास्ते में बिजली का तार ज़मीन से मात्र 5 फीट की ऊंचाई पर खतरनाक तरीके से लटका हुआ था। काम के दौरान जैसे ही किसान का सिर इस चालू बिजली तार से टकराया, उन्हें ज़ोरदार करंट लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पहले 12 गोवंश की जा चुकी है जान, शिकायतों पर सोता रहा विभाग

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि विभाग की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। इसी लटके हुए तार के कारण पूर्व में भी 12 गोवंशों की करंट लगने से मौत हो चुकी थी।

घटना से पहले गौ सेवा विकासखंड समिति के अध्यक्ष बृजेश शर्मा द्वारा थाना और सीएम हेल्पलाइन में लिखित एवं मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। परिजनों ने भी कई बार बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

प्रशासन देरी से पहुंचा, गौ सेवा टीम ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई, लेकिन लगभग एक घंटे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

इस दौरान स्थिति को बिगड़ने से बचाने और किसी अन्य व्यक्ति को करंट की चपेट में आने से रोकने के लिए गौ सेवा आयोग विकासखंड समिति के अध्यक्ष बृजेश शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर डटे रहे। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए घटनास्थल की घेराबंदी कराई, ताकि दूसरा हादसा न हो। प्रशासन के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अधिकारी की सफाई: “बारिश से खंभा झुक गया था”

मामले में जब बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से बात की गई तो सरगांव के जेई खगेश नेताम ने अपनी सफाई में कहा कि हाल ही में हुई बारिश के कारण बिजली का खंभा झुक गया था, जिससे तार नीचे आ गया और इसी वजह से यह दुखद घटना हुई।

हालांकि, ग्रामीण अधिकारी की इस सफाई से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत के बाद समय रहते खंभे को सीधा कर लिया जाता, तो आज किसान की जान नहीं जाती।

ग्रामीणों और संगठनों की प्रमुख मांगें

घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि—

लापरवाह बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

मृतक किसान के परिवार को तत्काल उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिया जाए।

पूरे क्षेत्र में लटके हुए और जर्जर बिजली तारों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कर उन्हें दुरुस्त किया जाए।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली विभाग ने शिकायतों पर कार्रवाई की होती, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। अब पूरे क्षेत्र में विभाग की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

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