October 19, 2026

जरहागांव: करंट से मौत के मामले पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान
मुख्य निर्णय एवं निर्देश:तत्काल पदस्थापना: जरहागांव अस्पताल में तत्काल नए डॉक्टर को पदस्थ करने के निर्देश।

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त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर ने आपात बैठक बुलाकर पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।लापरवाही पर

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त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर ने आपात बैठक बुलाकर पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
लापरवाही पर नाराजगी: घटना के वक्त जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई।
कारण बताओ नोटिस: प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए सीएमएचओ (CMHO), बीएमओ (BMO) और संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी।

मुंगेली नगर पंचायत जरहागांव में करंट लगने से गोविंद साहू की हुई मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने घटना के समय जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार की लापरवाही न केवल आमजन के विश्वास को प्रभावित करती है, बल्कि शासन की जनहितकारी स्वास्थ्य सेवाओं की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।


कलेक्टर ने इसे प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए सीएमएचओ और बीएमओ सहित संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जरहागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल चिकित्सक की पदस्थापना करने के निर्देश भी दिए।


“स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बन सके।” —

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